
उपसंपादक ज्ञानेश मिश्रा
फर्रुखाबाद में जिलाधिकारी के अचानक निरीक्षण से प्राथमिक विद्यालय महोलिया में हड़कंप मच गया। स्कूल में पंजीकृत 95 विद्यार्थियों में से महज 10 बच्चे ही उपस्थित मिले। इतना ही नहीं, निरीक्षण के दौरान बच्चों के लिए मध्यान्ह भोजन भी तैयार नहीं पाया गया। स्कूल की व्यवस्थाओं में कई खामियां सामने आने के बाद प्रभारी प्रधानाध्यापक अनुराग राठौर के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने प्राथमिक विद्यालय महोलिया का औचक निरीक्षण किया तो विद्यालय की वास्तविक स्थिति सामने आ गई। अभिलेखों के अनुसार स्कूल में 95 विद्यार्थियों का नामांकन है, लेकिन मौके पर केवल 10 बच्चे ही कक्षा में मौजूद मिले। विद्यार्थियों की इतनी कम उपस्थिति को लेकर अधिकारियों ने गंभीर नाराजगी जताई।
निरीक्षण के दौरान एक सहायक अध्यापक भी विद्यालय से अनुपस्थित पाया गया। इसके अलावा स्कूल में मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था भी ठीक नहीं मिली और बच्चों के लिए भोजन तैयार नहीं किया गया था। विद्यालय की साफ-सफाई, शिक्षकों की उपस्थिति, छात्र उपस्थिति और शैक्षणिक माहौल समेत कई बिंदुओं पर व्यवस्थाएं संतोषजनक नहीं पाई गईं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को बेहतर शिक्षा और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना विभाग की जिम्मेदारी है। शिक्षकों को समय से विद्यालय पहुंचने और पूरी जिम्मेदारी के साथ शिक्षण कार्य करने के निर्देश दिए गए। साथ ही विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और उनके शैक्षिक स्तर पर लगातार नजर रखने को कहा गया।
डीएम ने स्कूल परिसर और कक्षाओं में साफ-सफाई बेहतर रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को मानकों के अनुरूप पौष्टिक मध्यान्ह भोजन मिलना चाहिए। विद्यालय में अनुशासन के साथ ऐसा वातावरण तैयार किया जाए, जिससे बच्चों की पढ़ाई में रुचि बढ़े और उनकी शैक्षिक प्रगति बेहतर हो सके।
उन्होंने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को विद्यालय की कमियों को तत्काल दूर कराने और नियमित रूप से निरीक्षण करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि स्कूलों में पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों को मिलने वाली अन्य सुविधाओं की गुणवत्ता में किसी तरह की लापरवाही न हो।
निरीक्षण के बाद मामले में कार्रवाई भी की गई। बीएसए विश्वनाथ प्रताप सिंह के मुताबिक, प्राथमिक विद्यालय महोलिया के प्रभारी प्रधानाध्यापक अनुराग राठौर को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित मिले शिक्षक जितेंद्र कुमार का एक दिन का वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों और शिक्षकों को चेतावनी दी कि विद्यालयों में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देने, उनकी पढ़ाई का नियमित मूल्यांकन करने और प्रत्येक बच्चे की शैक्षिक प्रगति सुनिश्चित करने पर जोर दिया।








