
रिपोर्ट – शिवम सिंह, एटा
एटा अलीगंज अपनी 8 सूत्रीय मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने शनिवार को तहसील अलीगंज में संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार कर दिया। सभी लेखपालों ने कलम बंद कर तहसीलदार कार्यालय के बाहर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी अधिकारियों को सौंपा गया।
लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष राजेश वर्मा ने बताया कि संगठन लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहा है, लेकिन शासन स्तर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। जिसके चलते चरणबद्ध आंदोलन किया जा रहा है।
ये हैं प्रमुख 8 मांगें
1. लेखपालों को प्रारंभिक वेतनमान में 2800 ग्रेड पे दिया जाए और वेतन विसंगति दूर की जाए।
2. अंतरमंडलीय स्थानांतरण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए।
3. चयन वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची के बाद समय से DPC कराई जाए।
4. 16 वर्षों से लंबित बाल्यावकाश (Child Care Leave) में वृद्धि की जाए।
5. ग्राम सचिवालयों में पर्याप्त आधारभूत सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।
6. लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित किया जाए।
7. कार्य के अनुरूप लैपटॉप, मोबाइल व अन्य तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
8. ग्राम सचिवालयों में सुविधाओं के अभाव में रोस्टर प्रणाली को समाप्त किया जाए।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि आज लेखपालों से विभागीय कार्यों के साथ-साथ तमाम ऑनलाइन और तकनीकी कार्य भी कराए जा रहे हैं, लेकिन न तो तकनीकी पद का दर्जा दिया गया है और न ही कोई संसाधन। खाली हाथ काम कराना संभव नहीं है।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मांगें नहीं मानी गईं तो *24 अक्टूबर से जिला मुख्यालय पर भी धरना-प्रदर्शन* शुरू किया जाएगा।
धरना प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष राजेश वर्मा के अलावा अरुण कुमार, राजीव यादव, सुशील कुमार, गिरिराज, आकाश, धर्मेंद्र कुमार, संगीता, दीक्षा यादव, प्रवीण कुमार सहित तीन दर्जन से अधिक लेखपाल मौजूद रहे।







