फर्रुखाबाद जनपद के कमालगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत दरौरा में शुक्रवार को एक किसान ने आर्थिक तंगी से परेशान होकर अपनी खड़ी आलू की फसल को खुद ही नष्ट कर दिया। किसान ने लगभग 5 बीघा खेत में तैयार आलू की फसल पर रोटावेटर चलाकर जुताई कर दी।
किसान का कहना है कि आलू की खेती में प्रति बीघा 10 से 15 हजार रुपये तक की लागत आती है, लेकिन मौजूदा समय में बाजार में आलू के दाम इतने गिर चुके हैं कि लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। भारी नुकसान की आशंका को देखते हुए किसान ने मजबूरी में फसल नष्ट करने का कठोर फैसला लिया।
स्थानीय लोगों के अनुसार यह पहली बार नहीं है जब किसान ने ऐसा कदम उठाया हो। एक दिन पहले भी वह लगभग 5 बीघा आलू की फसल नष्ट कर चुके थे। लगातार हो रही इस घटना से गांव में हड़कंप मच गया है और लोग किसान की स्थिति को लेकर चिंतित हैं।
पीड़ित किसान की पहचान दुरविजय सिंह निवासी ग्राम दरौरा, कमालगंज, फर्रुखाबाद के रूप में हुई है। उनका कहना है कि फसल बेचने पर उन्हें लागत से भी कम दाम मिल रहे थे, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना कठिन हो गया था।
इस घटना को लेकर ग्रामीणों ने गहरी चिंता जताई है और सरकार से मांग की है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि किसी किसान को अपनी मेहनत से उगाई गई फसल नष्ट करने के लिए मजबूर न होना पड़े।








