

*सत्य प्रकाश अवस्थी*
हरदोई -जनपद के कोथावां विकास खंड के ग्राम भैंनगांव जरौआ ने आज एक नई पहचान हासिल की है। गांव के होनहार युवा सचिन त्रिवेदी ने अग्निवीर परीक्षा में सफलता प्राप्त कर न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है। इस उपलब्धि के साथ ही सचिन अपने गांव के पहले अग्निवीर बनने का गौरव भी हासिल कर चुके हैं।
साधारण मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाले सचिन के पिता प्रमोद कुमार त्रिवेदी एक प्राइवेट नौकरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने बच्चों की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी। परिवार में दो बेटियों और एक बेटे के बीच सचिन ने बचपन से ही अनुशासन, मेहनत और देशसेवा का जज्बा बनाए रखा।
प्रमोद त्रिवेदी बताते हैं कि जीवन में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हमेशा अपने बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ शारीरिक रूप से भी मजबूत बनने के लिए प्रेरित किया। इसी का परिणाम है कि 19 मार्च को जब सचिन के अग्निवीर परीक्षा में सफल होने की खबर मिली, तो पूरे घर और गांव में खुशी की लहर दौड़ गई।
सचिन त्रिवेदी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और स्वर्गीय बाबा ईश्वरदीन त्रिवेदी को दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने पिता से किया वादा पूरा कर दिखाया है और आगे भी देश की सेवा के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे।
सचिन की इस उपलब्धि से गांव के युवाओं में भी नया उत्साह देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सचिन ने यह साबित कर दिया है कि अगर हौसले बुलंद हों, तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकते। आज जरौआ गांव अपने इस लाल पर गर्व कर रहा है, जिसने संघर्ष के बीच सफलता की नई कहानी लिख दी।









