
फर्रुखाबाद में बिजली कनेक्शन के नाम पर घूस मांगना बिजली विभाग के दो कर्मचारियों को भारी पड़ गया। एंटी करप्शन की टीम ने बुधवार को याकूतगंज पावर सबस्टेशन के जूनियर इंजीनियर और एक SSO को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए धर-दबोचा। इस कार्रवाई के बाद पूरे बिजली महकमे में खलबली मच गई।
गुगौरा गांव के रहने वाले मनसा राम ने अपने घर के लिए नया बिजली कनेक्शन का एस्टीमेट बनवाने के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि इस काम के बदले याकूतगंज सबस्टेशन में तैनात JE अजीत राजपूत ने उनसे 10 हजार रुपये की मांग की। परेशान होकर मनसा राम ने इसकी शिकायत कानपुर एंटी करप्शन टीम से कर दी।
शिकायत मिलने के बाद टीम ने पूरे मामले की गुप्त जांच की और फिर ट्रैप लगाने का प्लान बनाया।
बुधवार को एंटी करप्शन टीम के प्रभारी राम आसरे त्रिपाठी के नेतृत्व में टीम ने गुगौरा सबस्टेशन पर दबिश दी। जैसे ही JE अजीत राजपूत और SSO चंद्रभान ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम ली, टीम ने दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई को पुख्ता बनाने के लिए टीम के साथ कलेक्ट्रेट के दो कर्मचारियों को स्वतंत्र गवाह के तौर पर भी रखा गया था।
पकड़ने के बाद दोनों आरोपियों को फतेहगढ़ कोतवाली लाया गया। यहां कई घंटों तक पूछताछ और कागजी कार्रवाई चलती रही। पहले इसकी लिखापढ़ी सिविल लाइन चौकी में की गई। टीम बीच में कोतवाली से निकल भी गई थी, लेकिन बाद में वापस आकर वहीं पर पूरी प्रक्रिया पूरी की। इस दौरान कोतवाली में बिजली विभाग के कई JE और कर्मचारी भी पहुंच गए थे।
1.अजीत राजपूत पद: जूनियर इंजीनियर, याकूतगंज विद्युत उपकेंद्र। पता: ओमैक्स सिटी, शहीद पथ, थाना गोमतीनगर, लखनऊ
2. चंद्रभान पद: SSO। पता: पंचपुरा, थाना अलीगंज, जिला एटा
इस गिरफ्तारी के बाद बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में डर का माहौल है। फर्रुखाबाद में ये पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले भी एंटी करप्शन टीम रिश्वतखोरी के कई मामलों में विभागीय लोगों को जेल भेज चुकी है। बुधवार की इस घटना के बाद से ऑफिसों में इसी मुद्दे पर चर्चा चल रही है।

फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।








