
फर्रुखाबाद कमालगंज मानदेय में वृद्धि किए जाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कमालगंज परिसर में आशा एवं आशा संगिनी कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर चिकित्साधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की।
आशा एवं आशा संगिनी कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे लंबे समय से अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कर रही हैं। गांव-गांव जाकर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी जानकारी लोगों तक पहुंचाने, गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल, टीकाकरण, परिवार नियोजन तथा अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों में आशा कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। इसके बावजूद वर्तमान महंगाई और बढ़ते कार्यभार के बीच उन्हें मिलने वाला मानदेय पर्याप्त नहीं है।
आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई के साथ उनके काम का दबाव भी बढ़ा है। इसके अलावा प्रशासनिक कार्यों और विभिन्न स्वास्थ्य अभियानों में भी उन्हें जिम्मेदारी निभानी पड़ती है। ऐसे में मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि किया जाना आवश्यक है।
आशा एवं आशा संगिनी की ओर से सीएचसी कमालगंज के चिकित्साधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि मानदेय वृद्धि की मांग पर उचित निर्णय न होने के कारण कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया गया है। पत्र के अनुसार आशा कार्यकर्ता एक अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक कार्य बहिष्कार करने के लिए विवश हैं। साथ ही 22 अक्टूबर को लखनऊ पहुंचकर अपनी मांगों को उच्च स्तर पर रखने की बात भी कही गई है।
कार्यकर्ताओं ने चिकित्साधिकारी से उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए मानदेय में शीघ्र वृद्धि किए जाने के लिए उच्च स्तर पर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने में लगातार जिम्मेदारी निभा रही हैं, इसलिए उनकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए मानदेय में उचित वृद्धि की जानी चाहिए।

इस दौरान आशा एवं आशा संगिनी कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए मांग पूरी किए जाने की आवाज उठाई। प्रार्थना पत्र में ब्लॉक कमालगंज की समस्त आशा एवं आशा संगिनी के हस्ताक्षर बताए गए हैं।








