
हरदोई रफ्तार का कहर और ट्रैफिक नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाने का अंजाम कितना खौफनाक हो सकता है, इसकी एक दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई है हरदोई-लखनऊ नेशनल हाईवे 731 से।
कछौना के भीरीघाट के पास आज एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। यहाँ एक ऑटो चालक की लापरवाही ने न सिर्फ अपनी जान जोखिम में डाली, बल्कि दो निर्दोष भाइयों को भी मौत के मुंह में धकेल दिया।
बघौली के मंसूपुरवा निवासी दो सगे भाई—अर्जुन पाल और ऋषि पाल, जो कि गुड्डू के बेटे हैं—अपनी बाइक पर सवार होकर लखनऊ से हरदोई की तरफ जा रहे थे। वो अपनी सही लेन में थे, लेकिन तभी भीरीघाट के पास सामने से काल बनकर आ रहा था एक ऑटो। ऑटो ड्राइवर सोनू, जो कि अनीस का बेटा और कछौना का ही रहने वाला है, हाईवे पर पूरी तरह गलत साइड से आ रहा था।
रफ्तार इतनी तेज थी और ऑटो इस कदर गलत दिशा में था कि बाइक सवार भाइयों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। दोनों गाड़ियों के बीच इतनी जोरदार टक्कर हुई कि मौके पर चीख-पुकार मच गई। टक्कर लगते ही बाइक सवार दोनों भाई सड़क पर दूर जा गिरे और लहूलुहान हो गए। इस भीषण भिड़ंत में ऑटो ड्राइवर सोनू भी नहीं बच सका, उसका पैर भी दो जगहों से टूट गया है।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से तीनों घायलों को आनन-फानन में कछौना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CSC) ले जाया गया। डॉक्टरों ने तीनों की गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें तुरंत जिला अस्पताल हरदोई के लिए रेफर कर दिया है। बताया जा रहा है कि बाइक सवार भाइयों में से ऋषि पाल को बेहद गंभीर चोटें आई हैं और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
इस हादसे ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि हाईवे पर रॉन्ग साइड ड्राइविंग किसी सुसाइड मिशन से कम नहीं है। सोनू की एक लापरवाही ने आज दो परिवारों को अस्पताल के बिस्तर पर ला खड़ा किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन बड़ा सवाल यही है कि आखिर लोग चंद मिनट बचाने के लिए अपनी और दूसरों की जिंदगी से खिलवाड़ करना कब बंद करेंगे?
लखनऊ मंडल ब्यूरो चीफ – अनुराग सिंह









