
हरदोई गौसगंज विकास खंड कछौना की ग्राम पंचायत निर्बलपुर में भ्रष्टाचार, प्रशासनिक लाचारी और ग्राम प्रधान पवन सिंह की दबंगई का नंगा नाच जारी है। 12 अगस्त को पत्रांक संख्या 687 जारी कर BDO कछौना ने जो 2 दिन का अल्टीमेटम दिया था, वह 18 दिन बीत जाने के बाद भी महज़ एक बेअसर कागज़ी पुर्जा साबित हुआ है। 30 अगस्त को सामने आई वीडियो की तस्वीरें चीख-चीखकर गवाही दे रही हैं कि सरकारी पैसों की लूट और जनता के हकों पर डाका डालने का यह खेल BDO कछौना के संरक्षण में सचिव और दबंग प्रधान पवन सिंह बेखौफ होकर खेल रहे हैं।
नोटिस जारी हुए 18 दिन बीत गए, लेकिन सामुदायिक शौचालय की स्थिति में रत्ती भर बदलाव नहीं आया। न टोटियां लगीं, न पानी की बूंद टपकी। सवाल यह उठता है कि क्या BDO कछौना की आंखें बंद हैं या फिर साठगांठ की पट्टी बंधी हुई है?
• 2 दिन में जवाब मांगा गया था, तो 18वें दिन तक क्या कार्रवाई हुई? क्या BDO साहब ने दफ्तर की ठंडी एसी में बैठकर फर्जी आख्या पर हस्ताक्षर कर दिए?
• जब नोटिस का जवाब नहीं मिला या अधूरा मिला, तो दबंग प्रधान और सचिव पर एफआईआर दर्ज कराने का जिगरा क्यों नहीं दिखाया गया?
• अगर मौके पर जांच हुई थी, तो 30 अगस्त के वीडियो में उजागर बदहाली अधिकारियों के मुंह पर तमाचा क्यों मार रही है?
ग्राम पंचायत निर्बलपुर की जनता अब इस घटिया प्रशासनिक तमाशे को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। स्थानीय निवासियों ने साफ कर दिया है कि नोटिस के नाम पर लीपापोती बंद की जाए।
• 12 अगस्त के नोटिस के बदले सचिव और प्रधान पवन सिंह ने क्या जवाब दाखिल किया, उसे तुरंत सार्वजनिक किया जाए।
• BDO की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो और कर्तव्यहीन सचिव व दबंग प्रधान पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
• जिले के उच्चाधिकारी स्वयं धरातल पर उतरकर फर्जी निस्तारण की पोल खोलें।
यदि जल्द ही इस भ्रष्टाचार के गठजोड़ पर नकेल नहीं कसी गई और सामुदायिक शौचालय की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो क्षेत्र की जनता सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
लखनऊ मंडल ब्यूरो चीफ – अनुराग सिंह








