
रिपोर्ट आरेंद्र मिश्रा
हरदोई राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के अवसर पर बुधवार को जिला चिकित्सालय हरदोई में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में राष्ट्रीय पोषण सप्ताह, मानसिक रोग व बौद्धिक अक्षमता से ग्रस्त व्यक्तियों के कानूनी अधिकार तथा नशीले पदार्थों के दुरुपयोग व बचाव को लेकर लोगों को जागरूक किया गया।
यह शिविर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदोई के तत्वावधान में आयोजित हुआ। कार्यक्रम जिला जज श्रीमती रीता कौशिक और प्रभारी सचिव सिविल जज सीनियर डिवीजन स्मिता गोस्वामी के निर्देशन तथा तहसीलदार सचिंद्र कुमार शुक्ला के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
शिविर की अध्यक्षता मानसिक रोग विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रीतु खरे ने की। उन्होंने जिला अस्पताल में मानसिक रोगियों को मिल रही सुविधाओं और इलाज की जानकारी दी।
लीगल एड क्लीनिक की पराविधिक स्वयंसेविका कीर्ति कश्यप ने बताया कि हर साल 1 से 7 सितंबर तक राष्ट्रीय पोषण सप्ताह मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत 1982 में हुई थी। इसका उद्देश्य कुपोषण को खत्म करना और संतुलित आहार के प्रति जागरूकता फैलाना है।
शिविर में बताया गया कि मानसिक व बौद्धिक दिव्यांगता से ग्रस्त व्यक्तियों को भी गरिमा के साथ जीने, समान अवसर, मुफ्त कानूनी सहायता और स्वास्थ्य सेवा पाने का पूरा अधिकार है। ये अधिकार संविधान के अनुच्छेद 14, 21, 39ए और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 में सुरक्षित हैं। किसी भी दिव्यांग व्यक्ति से भेदभाव करना कानूनन अपराध है।
नशा मुक्ति पर चर्चा करते हुए वक्ताओं ने कहा कि शराब, तंबाकू और अन्य मादक पदार्थों का सेवन शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए घातक है।
कार्यक्रम के अंत में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की निःशुल्क सेवाओं की जानकारी दी गई और 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के पम्पलेट बांटे गए। लोगों को टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे में भी बताया गया।इस मौके पर डॉ. वृंदा पुरुषोत्तम, अंशु सूरी, वरुण कुमार, प्रद्युम्न सहित अस्पताल स्टाफ और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।









