
हरदोई महंगाई की मार से पहले ही परेशान आम जनता पर अब निजी स्कूलों की बढ़ती फीस का बोझ भी भारी पड़ने लगा है। हरदोई जिले के सांडी क्षेत्र में एक निजी स्कूल द्वारा अचानक फीस बढ़ाए जाने का मामला सामने आया है। अभिभावकों का आरोप है कि बिना किसी स्पष्ट कारण के फीस में सीधे ₹200 की वृद्धि कर दी गई और जब इस संबंध में स्कूल प्रबंधन से जवाब मांगा गया तो बात करने के बजाय टालमटोल की गई।
सांडी क्षेत्र के ग्राम बमटापुर निवासी देवेंद्र सिंह के पुत्र सूरज सिंह ने एपीएस_पब्लिक_इंटर_कॉलेज तिराहा, सांडी के प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अगस्त महीने तक स्कूल द्वारा ₹1700 फीस ली जा रही थी, लेकिन अचानक इसमें ₹200 की बढ़ोतरी कर फीस ₹1900 कर दी गई। अभिभावक का आरोप है कि इस बढ़ोतरी के पीछे कोई ठोस कारण नहीं बताया गया।
सूरज सिंह के अनुसार, जब उन्होंने स्कूल कार्यालय में फोन कर फीस बढ़ाए जाने का कारण जानना चाहा तो कार्यालय में मौजूद महिला कर्मचारी ने बताया कि मैनेजर के निर्देश पर प्रत्येक बच्चे की फीस में ₹200 की वृद्धि की गई है। अभिभावक का कहना है कि जब उन्होंने इस फैसले के आधार और बढ़ोतरी का कारण जानने के लिए मैनेजर से बात करने की कोशिश की तो उनसे बातचीत करने के बजाय फोन काट दिया गया और उनकी बात सुनने से इनकार कर दिया गया।
इस घटना के बाद क्षेत्र के अभिभावकों में नाराजगी बढ़ गई है। उनका कहना है कि एक तरफ देश और प्रदेश में लगातार बढ़ती महंगाई से परिवारों का बजट बिगड़ा हुआ है, वहीं दूसरी ओर बच्चों की शिक्षा के नाम पर निजी स्कूलों द्वारा फीस में लगातार वृद्धि किए जाने के आरोप सामने आते रहते हैं। अभिभावकों का सवाल है कि आखिर बिना स्पष्ट जानकारी और उचित कारण बताए फीस बढ़ाने का आधार क्या है और इस पर प्रशासन कब कार्रवाई करेगा।
अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों की स्थिति और कई स्थानों पर सरकारी शिक्षा व्यवस्था के कमजोर होने के कारण आम परिवार निजी स्कूलों पर निर्भर होने को मजबूर हैं। ऐसे में निजी स्कूलों की कथित मनमानी का सीधा असर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है। अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा अब धीरे-धीरे आम आदमी की पहुंच से बाहर होती जा रही है और प्रशासन को इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देना चाहिए।
अभिभावकों ने जिलाधिकारी हरदोई से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और स्कूल द्वारा बढ़ाई गई फीस के आधार की जांच करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से भी मांग की है कि प्रदेश में निजी स्कूलों द्वारा की जा रही कथित मनमानी, अचानक फीस वृद्धि और अभिभावकों की शिकायतों को नजरअंदाज करने जैसे मामलों पर सख्त कार्रवाई के लिए प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं।
अभिभावकों का कहना है कि यदि फीस वृद्धि नियमों के तहत की गई है तो उसका पूरा आधार सार्वजनिक किया जाना चाहिए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और अभिभावकों को राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।








