
लखनऊ।
“हर घर जल” योजना के नाम पर उत्तर प्रदेश की ग्रामीण सड़कों को खोदकर बेहाल छोड़ने वाली निर्माण एजेंसियों और बेपरवाह अधिकारियों की अब खैर नहीं। जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने मानसून के बाद अक्टूबर महीने से पूरे प्रदेश में ग्रामीण सड़कों की मरम्मत का एक व्यापक और आक्रामक अभियान शुरू करने का कड़ा फरमान जारी किया है। मंत्री ने दो टूक शब्दों में हिदायत दी है कि पेयजल पाइपलाइन डालने के नाम पर खोदी गई एक-एक सड़क को पुरानी स्थिति में लाकर समतल और गड्ढामुक्त किया जाए, वरना लापरवाहों पर सख्त गाज गिरना तय है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मंगलवार पेयजल योजनाओं की कड़क समीक्षा करते हुए जलशक्ति मंत्री ने स्पष्ट किया कि मानसून की बारिश और कीचड़ के बीच ग्रामीणों की दुश्वारियां अब बर्दाश्त से बाहर हैं। सरकार का मकसद केवल घर-घर पानी पहुंचाना ही नहीं, बल्कि गांव के आखिरी व्यक्ति को सुरक्षित और सुगम रास्ता देना भी है।
अभियान में किसी भी तरह की लीपापोती रोकने के लिए शासन ने जमीनी निगरानी का नया चक्रव्यूह रचा है:
• अधीक्षण अभियंताओं (SE) और अधिशासी अभियंताओं (EE) के फील्ड विजिट का पूरा रिपोर्ट कार्ड तलब किया गया है।
• सहायक अभियंताओं (AE) और अवर अभियंताओं (JE) को कागजी खानापूर्ति छोड़कर सीधे गांवों में रात्रि प्रवास करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
• अभियान शुरू होने से पहले ही तैयारियों का खाका खींच लिया जाए; काम में ढिलाई बरतने वाले ठेकेदारों और अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
सरकार का यह कड़ा रुख साफ संकेत देता है कि ग्रामीण विकास की राह में रोड़ा अटकाने वाली लापरवाही को अब किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।
लखनऊ मंडल ब्यूरो चीफ – अनुराग सिंह








