
रिपोर्ट नितिन कुमार
शाहजहांपुर पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के कारण रामगंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। नदी के उफान पर आने से निचले इलाकों में बसे गांवों में बाढ़ का पानी घुसना शुरू हो गया है।
ताजा जानकारी के अनुसार मऊ शाहजहांपुर, मऊ रसूलपुर, चमतापुर, टिकुरा सहित कई गांवों में बाढ़ का पानी खेतों से होते हुए आबादी तक पहुंच गया है। खेतों में खड़ी धान और गन्ने की फसल पानी में डूब गई है, जिससे किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ दिख रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बाढ़ की समस्या से उन्हें जूझना पड़ता है, लेकिन इस बार पानी अचानक और तेजी से बढ़ा है। कई कच्चे मकानों और गलियों में पानी भर गया है, जिससे लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है। मवेशियों के लिए चारे की भी समस्या उत्पन्न हो गई है।
किसानों ने बताया कि अगर जल्द ही पानी नहीं उतरा तो उनकी पूरी फसल बर्बाद हो सकती है। इससे उन्हें आर्थिक रूप से भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। वहीं प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी किनारे न जाएं और सुरक्षित स्थानों पर रहें। राजस्व विभाग की टीम को स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं









