
भक्ति रस में भीगा जब्बर खेड़ा संस्कृति, सौहार्द और आस्था का भव्य समागम
हरदोई कछौना
शंख की मंगलध्वनि, घड़ियालों की झंकार और हवा में तैरती पुष्पों की मनभावन सुगंध… कछौना के जब्बर खेड़ा गांव में जैसे ही श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का पावन अवसर आया, पूरी धरा एक अलौकिक आध्यात्मिक आनंद से सराबोर हो उठी।

‘अस्तित्व आर्ट ग्रुप कानपुर’ के हुनरमंद कलाकारों ने जब अपनी कला और भक्ति के संगम से देव-स्वरूपों को सजीव किया, तो देखने वालों की आंखें ठिठक गईं। शंभू बाबा स्थान से शुरू हुई यह पावन शोभायात्रा जब गलियों से गुजरी, तो ऐसा लगा मानो देवलोक स्वयं धरातल पर उतर आया हो। भगवान शिव-पार्वती की भाव्य-भव्य झांकी से लेकर श्रीकृष्ण के बाल-स्वरूपों के अलौकिक दर्शनों ने हर श्रद्धालु के हृदय को असीम आनंद से भर दिया।

गाँव के हर मोड़ पर आस्था का समंदर उमड़ पड़ा। ग्रामीणों ने पलक-पावड़े बिछाकर और सुरभित पुष्पों की वर्षा कर इस आध्यात्मिक यात्रा का स्वागत किया। शिवहरपुर में जाकर सम्पन्न हुई यह यात्रा केवल एक आयोजन नहीं थी, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक अविस्मरणीय उत्सव बन गई।

कार्यक्रम संयोजक अजय बाजपेई ने इस अवसर पर कहा कि “श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल परंपरा का निर्वहन नहीं, बल्कि यह हमारी जड़ों, धर्म और संस्कारों को नई पीढ़ी के मन में रोपने का माध्यम है। जब पूरा गाँव मिलकर एक साथ ऐसे आयोजनों का साक्षी बनता है, तो सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे की डोर और अधिक मजबूत हो जाती है।
रोहित बाजपेई, राहुल बाजपेई, कुलदीप बाजपेई और दुर्गेश सिंह, एस बी सिंह सेंगर, अरुण शुक्ला, अरुण राठौर समेत सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने इस उत्सव की भव्यता में चार चांद लगा दिए। जब्बर खेड़ा की इस पावन शाम ने यह साबित कर दिया कि जहाँ सच्ची भक्ति और सामूहिकता होती है, वहाँ हर कोना आनंदमय हो उठता है।
लखनऊ मंडल ब्यूरो चीफ – अनुराग सिंह








