
अमृतपुर तहसील संवाददाता कुलदीप पाठक
फर्रुखाबाद थाना राजेपुर क्षेत्र स्थित मुख्य तिराहे से प्रशासनिक उपेक्षा और लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां मुख्य तिराहे पर स्थापित विशाल ध्वज स्तंभ पिछले कई दिनों से बिना राष्ट्रीय ध्वज के सूना पड़ा हुआ है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार ध्वज स्तंभ पर पूर्व में राष्ट्रीय ध्वज लगाया गया था, लेकिन तिरंगा क्षतिग्रस्त होने के बाद उसे उतार लिया गया। इसके बाद लंबे समय का अंतराल बीत जाने के बावजूद ध्वज स्तंभ पर नया तिरंगा फहराए जाने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई। इससे मुख्य तिराहे पर स्थापित विशाल ध्वज स्तंभ अब बिना ध्वज के खाली दिखाई दे रहा है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि राजेपुर का यह मुख्य तिराहा अत्यंत व्यस्त मार्ग पर स्थित है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीणों, राहगीरों, वाहन चालकों, जनप्रतिनिधियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों का आवागमन होता है। इसके बावजूद किसी जिम्मेदार अधिकारी अथवा संबंधित संस्था की ओर से इस ओर ध्यान न दिया जाना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज केवल कपड़े का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि देश की संप्रभुता, सम्मान, एकता और राष्ट्रीय गौरव का महत्वपूर्ण प्रतीक है। ऐसे में सार्वजनिक स्थल पर स्थापित विशाल ध्वज स्तंभ का लंबे समय तक खाली पड़ा रहना व्यवस्था की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े करता है। नागरिकों के मुताबिक जब देशभर में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न अभियान चलाए जाते हैं, तब मुख्य तिराहे जैसे सार्वजनिक और प्रमुख स्थान पर ध्वज स्तंभ का बिना तिरंगे के रहना गंभीर विषय है। स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि यदि पूर्व में लगाया गया तिरंगा खराब अथवा क्षतिग्रस्त हो गया था तो उसे नियमानुसार सम्मानपूर्वक उतारने के बाद तत्काल नया राष्ट्रीय ध्वज उपलब्ध कराया जाना चाहिए था, ताकि ध्वज स्तंभ की गरिमा बनी रहे। लोगों का आरोप है कि ग्राम पंचायत राजेपुर तथा संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से इस मामले में अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई गई है। यही वजह है कि क्षेत्रीय नागरिकों में प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। नागरिकों ने उच्च प्रशासनिक अधिकारियों से मामले का तत्काल संज्ञान लेने, ध्वज स्तंभ की स्थिति का निरीक्षण कराने तथा नियमानुसार सम्मानपूर्वक नया राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित राष्ट्रीय ध्वज की मर्यादा और गरिमा बनाए रखना संबंधित जिम्मेदार संस्थाओं का दायित्व है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। अब देखना यह है कि स्थानीय प्रशासन इस मामले में कब तक संज्ञान लेता है और राजेपुर के मुख्य तिराहे पर लंबे समय से खाली पड़े ध्वज स्तंभ पर कब राष्ट्रीय ध्वज पुनः फहराया जाता है।









