
30.12.2025
कन्नौज ब्यूरो चीफ रोहित नंदन की रिपोर्ट।
कन्नौज में आशा कार्यकर्ताओं का 14 दिन से चल रहा धरना सोमवार को और तेज़ हो गया। बड़ी संख्या में एकजुट हुई आशा कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली और पैदल मार्च करते हुए कलक्ट्रेट तक पहुंचीं, जहाँ उन्होंने जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया।
ग्रामीण महिला एवं बाल कल्याण आशा एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष *रानी देवी* के नेतृत्व में लगभग 1,500 आशा कार्यकर्ता बिनोद दीक्षित अस्पताल परिसर में एकत्रित हुए। यहाँ से उन्होंने सीएमओ डॉ. स्वदेश गुप्ता के कार्यालय तक करीब 3 किलोमीटर का पैदल मार्च किया। मार्च के दौरान “मानदेय दो, बकाया दो!” और “आशा का हक, हमें चाहिए!” जैसे नारे गूँजते रहे।
कलक्ट्रेट पहुंचकर आशा कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी *आशुतोष मोहन अग्निहोत्री* के कार्यालय के बाहर धरना दिया और अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। रानी देवी ने कहा, “हम पिछले कई महीनों से बिना वेतन के काम कर रहे हैं। सरकार ने हमें आश्वासन दिया था, पर अभी तक कुछ नहीं हुआ। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, हम पीछे नहीं हटेंगे।
जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने आशा कार्यकर्ताओं से बातचीत की और आश्वासन दिया कि इस मुद्दे को उच्च स्तर पर उठाया जाएगा। उन्होंने कहा, “मैं व्यक्तिगत रूप से इस मामले को देख रहा हूँ। यदि आवश्यक हुआ तो अतिरिक्त बजट की व्यवस्था की जाएगी।
सीएमओ डॉ. स्वदेश गुप्ता ने भी कहा, “हम सभी की चिंताओं को समझते हैं और जल्द ही एक बैठक आयोजित कर समाधान निकालेंगे। आशा कार्यकर्ताओं की सेवा को महत्व देते हुए हम मानदेय के मुद्दे को प्राथमिकता देंगे।
यह धरना कन्नौज में स्वास्थ्य सेवाओं पर सीधे असर डाल सकता है, इसलिए प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा है। आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि 15 जनवरी 2026 तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे और राज्य स्तर पर बड़ा प्रदर्शन आयोजित करेंगे।
आशा एसोसिएशन को कन्नौज महिला मंच, युवा अधिकार संघ और स्थानीय व्यापारियों ने भी समर्थन दिया है। सभी ने मिलकर इस आंदोलन को और मजबूत करने का संकल्प लिया।









