
लखनऊ।
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने बताया कि प्रदेश में लागू बिजली बिल राहत योजना को उपभोक्ताओं का व्यापक समर्थन मिल रहा है। अब तक लगभग 27 लाख उपभोक्ता योजना के तहत पंजीकरण करा चुके हैं, जिससे करीब 2900 करोड़ रुपये का राजस्व पावर कॉरपोरेशन को प्राप्त हुआ है।
योजना की लोकप्रियता को देखते हुए मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री की मंशा के अनुरूप इसके प्रथम चरण की अवधि, जो 31 दिसंबर को समाप्त हो रही थी, बढ़ाकर 3 जनवरी तक कर दी गई है। डॉ. गोयल ने बताया कि 3 जनवरी तक जो उपभोक्ता पंजीकरण कराकर अपना बकाया जमा करेंगे, उन्हें योजना का पूरा लाभ मिलेगा।
डॉ. आशीष गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों से योजना की प्रगति की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है, फिर भी सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को और अधिक सक्रिय होकर कार्य करने की जरूरत है। योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र उपभोक्ता इसका लाभ उठा सकें।
उन्होंने बताया कि यह योजना खासतौर पर नेवर पेड, लॉन्ग अनपेड और बिजली चोरी से जुड़े मामलों के लिए अत्यंत लाभकारी है। वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे अपने क्षेत्रों में पात्र उपभोक्ताओं का पंजीकरण कराकर बकाया राशि जमा कराएं। इसके लिए जिला प्रशासन के सहयोग से सभी विभागों को साथ लेकर योजना को अंतिम उपभोक्ता तक पहुंचाया जाए।
अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि मीटर रीडर, फीडर मैनेजर, पंपलेट, समाचार पत्र, व्हाट्सएप संदेश, कॉलर ट्यून, सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया जैसे सभी माध्यमों का उपयोग कर योजना का प्रचार किया जाए। इस योजना में पहली बार 100 प्रतिशत ब्याज माफी के साथ मूलधन पर भी 25 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। समय से पंजीकरण और भुगतान करने पर उपभोक्ताओं को अधिक लाभ मिलेगा। साथ ही बिजली चोरी से जुड़े मामलों में भी राहत देकर मुकदमों और एफआईआर से छुटकारा दिलाया जा रहा है।
डॉ. गोयल ने कहा कि प्रत्येक बकायेदार उपभोक्ता से व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया जाए, फोन कॉल और प्रत्यक्ष मुलाकात के जरिए उन्हें योजना की जानकारी दी जाए। गांव-गांव और क्षेत्रों में मुनादी कराई जाए, नोटिस और सूचना पर्ची वितरित की जाए। माइक्रो प्लान बनाकर सभी कार्मिकों और एजेंसियों को सक्रिय रूप से लगाया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में बकायेदार उपभोक्ताओं की संख्या अधिक है, वहां विशेष रणनीति बनाकर कैंप लगाए जाएं। अधिकारी स्वयं गांवों में जाकर पूरी बस्ती को कवर करें और मौके पर ही पंजीकरण कराएं। साथ ही जिन अभियंताओं के क्षेत्रों में वसूली कम है, उन्हें परामर्श भेजा जाएगा।
अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि बिजली बिल वसूली का लक्ष्य हर हाल में पूरा किया जाए और जहां भी मीटर बदले जाएं, वहां केवल स्मार्ट मीटर ही लगाए जाएं। ऑनलाइन भुगतान को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि जिन अधिकारियों के क्षेत्रों में योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही पाई गई, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. गोयल ने उपभोक्ताओं से अपील की कि यह एक दुर्लभ अवसर है, जिसमें मुकदमों और कानूनी झंझटों से बचते हुए भारी छूट का लाभ मिल रहा है। योजना के दूसरे और तीसरे चरण में मिलने वाली छूट कम हो जाएगी, इसलिए उपभोक्ता समय रहते इसका पूरा लाभ उठाएं।









