
जालौन। कुठौंद थाना प्रभारी (SHO) अरुण कुमार राय की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में आरोपी महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अदालत ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए मीनाक्षी शर्मा को 13 जनवरी 2026 तक न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया है। हाई-प्रोफाइल होने के चलते मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) को सौंपी गई है, जो कथित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रहा है।
गौरतलब है कि दिसंबर 2025 की शुरुआत में कुठौंद थाना प्रभारी अरुण कुमार राय का शव उनके सरकारी आवास में खून से सना हुआ मिला था। घटना के बाद सामने आया कि उसी रात महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा चोरी-छिपे SHO के आवास पर पहुंची थी। सीसीटीवी फुटेज में उसे पिछले दरवाजे से संदिग्ध अवस्था में बाहर निकलते हुए देखा गया, जिससे मामला और संदेह के घेरे में आ गया।
मृतक की पत्नी ने पुलिस को दिए बयान में गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मीनाक्षी शर्मा, इंस्पेक्टर अरुण राय को आपत्तिजनक फोटो और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर रही थी और उनसे करीब 25 लाख रुपये की मांग की जा रही थी। इन आरोपों के बाद जांच का दायरा और विस्तृत कर दिया गया।
SIT की प्रारंभिक जांच में मीनाक्षी शर्मा से जुड़े कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024 में प्रयागराज महाकुंभ ड्यूटी के दौरान एक सिपाही को ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया था। इसके अलावा पीलीभीत में एक दरोगा से मारपीट कर समझौते के नाम पर 8 लाख रुपये लेने की भी जांच की जा रही है। कई अन्य मामलों में पुलिसकर्मियों को निशाना बनाकर ब्लैकमेलिंग किए जाने का शक भी SIT को है।
गिरफ्तारी के बाद एसपी जालौन ने मीनाक्षी शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। जांच के दौरान उसके पास से तीन महंगे आईफोन बरामद हुए हैं, जिनका डेटा डिलीट पाया गया है। फिलहाल साइबर टीम डेटा रिकवरी में जुटी हुई है। साथ ही मीनाक्षी की महंगी जीवनशैली, शौक और आय से अधिक संपत्ति भी जांच के दायरे में है।
SIT इस पहलू की भी गहराई से जांच कर रही है कि SHO अरुण कुमार राय की मौत आत्महत्या थी या फिर मानसिक दबाव और ब्लैकमेलिंग के चलते कोई अन्य परिस्थिति बनी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 13 जनवरी 2026 को होने वाली अगली सुनवाई में पुलिस चार्जशीट से जुड़े अहम बिंदु अदालत के समक्ष रख सकती है।
फिलहाल, आरोपी महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है और SIT उसके कथित नेटवर्क व आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच में लगातार जुटी हुई है।









