
सीतापुर। जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. ने गुरुवार को विकास खंड कसमण्डा कार्यालय का व्यापक निरीक्षण किया और कई लापरवाह अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ग्राम विकास अधिकारी, ब्लॉक स्तर के अन्य अधिकारियों और लेखाकार कक्ष के अभिलेखों की जांच की।
जिलाधिकारी ने पाया कि जनसुनवाई रजिस्टर में लंबी अवधि से कोई प्रविष्टि नहीं हुई थी और शिकायतकर्ताओं के मोबाइल नंबर दर्ज नहीं थे। इस गंभीर लापरवाही पर खंड विकास अधिकारी राकेश कुमार श्रीवास्तव के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने और 12 माह का वेतन रोकने के आदेश दिए गए। रजिस्टरों को तत्काल अद्यतन करने का निर्देश भी जारी किया गया।

मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों को प्रदान की जाने वाली किश्तों, पारिवारिक रजिस्टर, आईजीआरएस कक्ष की कार्यप्रणाली और लेखाकार कक्ष की पत्रावलियों का निरीक्षण भी किया गया। निरीक्षण में कई कमियां उजागर हुईं। कार्य प्रारंभ और पूर्ण होने के पूर्व की फोटो उपलब्ध न होने पर जेई शिवकुमार के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की गई। साथ ही, क्षेत्र पंचायत बैठकों के रजिस्टर में फरवरी माह से कोई बैठक दर्ज न होने पर असंतोष व्यक्त किया गया।

मनरेगा कक्ष में आंगनबाड़ी केंद्रों और इंटरलाकिंग कार्यों से जुड़ी अनियमितताएं मिलने पर लेखाकार नीरज बाजपेयी को सेवासमाप्ति नोटिस जारी किया गया और खंड विकास अधिकारी से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए गए। सहायक विकास अधिकारी कक्ष में मास्टर रजिस्टर न होने पर एडीओ पंचायत का वेतन रोकने के आदेश भी जारी किए गए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि यदि सचिव और अन्य अधिकारी अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन नहीं करेंगे, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई या निलंबन तक की कार्रवाई की जाएगी। एनआरएलएम कक्ष में समूह सूचना रजिस्टर एवं सीएलएफ रजिस्टर का अवलोकन कर उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को कार्यों में पारदर्शिता, नियमितता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सीतापुर : कसमण्डा ब्लॉक कार्यालय








