
लखनऊ/हैदरगढ़। (रिपोर्ट: हिमांशु लाला)
प्रयागराज हाईकोर्ट के अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला, निवासी प्रतापगढ़, ने हैदरगढ़ टोल प्लाज़ा पर टोल कर्मियों द्वारा मारपीट किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। यह घटना बुधवार 14 जनवरी को उस समय हुई, जब वे लखनऊ जा रहे थे। बताया गया कि FASTag में बैलेंस न होने के कारण नकद भुगतान को लेकर टोल कर्मियों से विवाद हो गया।
अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला का आरोप है कि बहस के बाद टोल कर्मियों ने उन्हें घेर लिया और दौड़ा-दौड़ा कर बेरहमी से पीटा। साथ ही उनकी सोने की अंगूठी भी छीन ली गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अधिवक्ताओं में गहरा रोष फैल गया।
घटना के अगले दिन गुरुवार 15 जनवरी को बड़ी संख्या में वकील हैदरगढ़ तहसील और बारा टोल प्लाज़ा पर एकत्रित हो गए। आक्रोशित अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए टोल के बूम बैरियर तोड़ दिए और कुछ समय के लिए टोल फ्री कर दिया, जिससे आवागमन बाधित रहा।
मामले को गंभीरता से लेते हुए हैदरगढ़ पुलिस ने चार नामजद और दस अज्ञात टोल कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों—गोलू, रवि वर्मा और लवलेश मिश्रा—को हिरासत में ले लिया है।
इस बीच भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के कार्यकर्ता भी अधिवक्ताओं के समर्थन में सामने आ गए हैं, जिससे आंदोलन और तेज हो गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही घटना के बाद टोल प्लाज़ा की सुरक्षा व्यवस्था और FASTag प्रणाली के सुचारु संचालन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी मंथन शुरू कर दिया गया है।









