
लखनऊ में कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी के बयान ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। सिद्दीकी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की जमकर सराहना करते हुए उनके व्यवहार और नेतृत्व की प्रशंसा की है।
नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने बताया कि वर्ष 2018 में अखिलेश यादव से उनकी चार बार पार्टी में शामिल होने को लेकर बातचीत हुई थी, लेकिन उस समय समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच संभावित गठबंधन की चर्चा चल रही थी, जिस कारण जॉइनिंग नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने उन पर व्यक्तिगत रूप से उपकार किया है और वे यह बात किसी भी मंच पर कह सकते हैं।
सिद्दीकी ने कहा कि आज भी अखिलेश यादव उन्हें पूरा सम्मान देते हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अखिलेश यादव अपने सहयोगियों से बेहद शालीनता और आत्मीयता से पेश आते हैं, यहां तक कि मिलने आने वालों को घर के बाहर तक छोड़ने आते हैं, जो आज की राजनीति में बहुत कम देखने को मिलता है।
उनके इस बयान के बाद यह कयास और मजबूत हो गए हैं कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी जल्द ही समाजवादी पार्टी का दामन थाम सकते हैं। कांग्रेस से अलग होने के बाद से ही उनके सपा में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही थीं, जिन्हें अब उनके ताजा बयान से और बल मिला है। राजनीतिक गलियारों में इसे उत्तर प्रदेश की राजनीति में संभावित बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।









