
एटा। तहसील अलीगंज के कोट रोड स्थित ग्राम झकरई में शीतकालीन शांति महोत्सव के अंतर्गत शांति शिक्षा कार्यक्रम के संस्थापक एवं अंतरराष्ट्रीय शांति दूत डॉ. प्रेम रावत के शांति संदेशों का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक पुत्र सूरज सिंह राठौर ने फीता काटकर किया।
यह शांति महोत्सव न्यू वेंचर टीम द्वारा premrawat.com एवं टाइमलेस टुडे के बैनर तले आयोजित किया जा रहा है। उद्घाटन अवसर पर विशाल एलईडी स्क्रीन के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय वक्ता और न्यूयॉर्क टाइम्स के बेस्टसेलिंग लेखक डॉ. प्रेम रावत के विचारों का प्रसारण किया गया।
अपने संदेश में डॉ. प्रेम रावत ने कहा कि श्वास की शक्ति के माध्यम से जीवन में शांति का अनुभव किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि श्वास ही जीवन की शुरुआत और अंत की पहचान है, फिर भी मनुष्य इसे अक्सर अनदेखा कर देता है। प्रत्येक श्वास हमारे जीवन, हमारी उपस्थिति और जीवित रहने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यदि हम एक पल ठहरकर अपनी श्वास के महत्व को समझ लें, तो अपने भीतर और बाहरी जीवन में शांति की संभावना को महसूस कर सकते हैं।
डॉ. प्रेम रावत ने अपने विचारों में यह भी कहा कि जब जीवन के अंतिम क्षण आते हैं, तब श्वास का वास्तविक मूल्य समझ में आता है, लेकिन उस समय कुछ किया नहीं जा सकता। इसलिए आवश्यक है कि जीवन रहते ही श्वास की अहमियत को समझा जाए और उस समझ का आनंद लिया जाए।
शांति महोत्सव के दौरान डॉ. प्रेम रावत के विचारों पर आधारित वीडियो कार्यक्रम दिन-रात स्क्रीन के माध्यम से दिखाया जा रहा है, जिसे देखने और सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग उपस्थित हो रहे हैं।
15 फरवरी तक चलेगा शांति महोत्सव
यह कार्यक्रम 6 फरवरी से 15 फरवरी 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक आयोजित किया जाएगा। इच्छुक लोग इस शांति संदेश को अपने घर पर भी प्रेम रावत के आधिकारिक यूट्यूब चैनल, टाइमलेस टुडे तथा premrawat.com के माध्यम से देख और सुन सकते हैं।









