
लखीमपुर खीरी में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिषेक कुमार ने एआरटीओ कार्यालय का औचक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं की जांच की। निरीक्षण के दौरान सीडीओ के कार्यालय पहुंचते ही मुख्य गेट बंद करा दिए गए और अंदर मौजूद लोगों से पूछताछ की गई।

जांच के दौरान बेहजम क्षेत्र के कैमाखादर निवासी इश्तियाक अपने साथ रवि पुत्र प्रेमशंकर के साथ वाहन ट्रांसफर कराने के लिए मौजूद मिले। पूछताछ में रवि ने पहले खुद को रिश्तेदार बताया, लेकिन सख्ती से पूछने पर उसने स्वीकार किया कि वह काम कराने के लिए आया है। इश्तियाक ने बताया कि काम के नाम पर उससे दो हजार रुपये लिए गए थे। इस पर सीडीओ ने एआरटीओ को रवि के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।

इसी दौरान अर्जुनपुरवा निवासी शुभम गुप्ता ने शिकायत की कि ड्राइविंग लाइसेंस को लाइट मोटर व्हीकल (एलएमवी) कराने के लिए निर्धारित 400 रुपये के बजाय उससे 1500 रुपये वसूले गए हैं। शिकायत मिलते ही सीडीओ इंस्टेंट सॉल्यूशन सेंटर काउंटर पर पहुंचे और जांच की। पूछताछ में कंप्यूटर ऑपरेटर कमर अली ने 1500 रुपये लेने की बात स्वीकार कर ली, जिसके बाद तलाशी में पैसे भी बरामद हुए। सीडीओ ने कड़ी फटकार लगाते हुए उसकी सेवाएं तत्काल समाप्त करने के निर्देश दे दिए।

निरीक्षण के दौरान राधेश्याम नामक व्यक्ति ने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि वह नवंबर महीने से अपनी गाड़ी का बंधक कटवाने के लिए कार्यालय के चक्कर लगा रहा है, लेकिन संबंधित कर्मचारी काम नहीं कर रहे हैं। इस पर सीडीओ राधेश्याम को साथ लेकर संबंधित काउंटर पर पहुंचे। पूछने पर कनिष्ठ सहायक आशीष श्रीवास्तव संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, जिस पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए।
सीडीओ अभिषेक कुमार ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित को सुनिश्चित करना है। जिलाधिकारी के निर्देश पर किए गए इस औचक निरीक्षण में सामने आई अनियमितताओं पर तत्काल कार्रवाई की गई है।









