
रिपोर्ट नफीस अहमद
हरदोई बिलग्राम नगर के मोहल्ला मलकंठ स्थित ईदगाह मस्जिद में रमजान के 22वें रोजे पर तरावीह की नमाज के दौरान कुरान शरीफ मुकम्मल होने पर खास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में नमाजी और क्षेत्र के लोग मौजूद रहे।
बताया गया कि तरावीह की नमाज की शुरुआत हाफिज अहमद ने की थी और कुछ दिनों तक उन्होंने कुरान की तिलावत सुनाई। इसी बीच उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई, जिसके बाद हाफिज मोहम्मद अरमान ने आगे की जिम्मेदारी संभाली और तरावीह में पूरी कुरान मुकम्मल कराई।
कुरान मुकम्मल होने के बाद मस्जिद में नात शरीफ भी पढ़ी गई, जिसे मौलाना आसिफ ने पेश किया। नात सुनकर मौजूद लोगों ने “सुभानअल्लाह” और “अल्हम्दुलिल्लाह” कहकर अपनी खुशी और अकीदत का इजहार किया।
इसके बाद मौलाना नूर हसन कासमी ने खास दुआ कराई और कुरान मजीद की फजीलत पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि हर मुसलमान कुरान पढ़ता तो है, लेकिन उसके मायने समझना भी उतना ही जरूरी है। कुरान की हर आयत इंसान को सही रास्ता दिखाने का पैगाम देती है।
इस दौरान मौलाना गुफरान, मौलाना नफीस, हाफिज अरशद, हाफिज सुहैल, जिया, हाफिज मोइनुद्दीन, हाफिज जैनुल समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।









