फर्रुखाबाद कमालगंज पोस्ट जरारी के ग्राम सर्फाबाद में ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्योहार अकीदत और उत्साह के साथ मनाया गया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सुबह ईदगाह और मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की। नमाज के बाद सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी।

यह त्योहार हिजरी कैलेंडर के जिलहिज्जा महीने की 10 वीं तारीख को मनाया जाता है। मान्यता है कि अल्लाह ने हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम को सपने में अपने प्रिय पुत्र हजरत इस्माइल की कुर्बानी का हुक्म दिया। अल्लाह की रजा के लिए इब्राहिम और इस्माइल दोनों तैयार हो गए। जब कुर्बानी का वक्त आया तो अल्लाह ने इस्माइल की जगह जन्नत से मेमना भेज दिया। तभी से कुर्बानी की परंपरा चली आ रही है।नमाज के बाद लोगों ने बकरा, भेड़ और अन्य जानवरों की कुर्बानी दी। कुर्बानी के गोश्त को तीन हिस्सों में बांटा गया। एक हिस्सा परिवार के लिए, दूसरा रिश्तेदारों-दोस्तों के लिए और तीसरा हिस्सा गरीबों जरूरतमंदों में तकसीम किया गया। इस मौके पर लोगों ने नए कपड़े पहने, घरों में स्वादिष्ट व्यंजन बनाए और खुशियां साझा कीं। बकरीद का यह त्योहार त्याग, इंसानियत, भाईचारे और दान की भावना को मजबूत करता है।









