
रिपोर्ट कुलदीप पाठक
फर्रुखाबाद डॉ. राम मनोहर लोहिया महिला चिकित्सालय की इमरजेंसी में एंबुलेंस व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त नजर आ रही है। प्रसव के बाद छुट्टी हुई महिलाओं और नवजात बच्चों को घंटों अस्पताल में इंतजार कराया जा रहा है। मजबूरी में एक ही एंबुलेंस में कई मरीजों को ठूंसकर भेजने का मामला सामने आया है।
पीड़ित परिजनों का आरोप है कि शमसाबाद क्षेत्र के अलग-अलग गांवों की करीब 3 प्रसूता महिलाओं को सोमवार दोपहर करीब 3 बजे छुट्टी मिली थी। घर भेजने के लिए एंबुलेंस मांगी गई तो शाम 6 बजे तक कोई वाहन उपलब्ध नहीं हुआ। 3 घंटे बाद अस्पताल प्रशासन ने एक ही एंबुलेंस में आशा कार्यकर्ता सहित करीब 8 से 10 लोगों को बैठाकर रवाना कर दिया।
परिजनों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रसव के बाद महिलाओं और नवजात को विशेष देखभाल की जरूरत होती है। लेकिन उन्हें घंटों लाइन में लगाकर फिर एक ही गाड़ी में कई मरीजों के साथ भेजा गया। इससे संक्रमण और जच्चा-बच्चा दोनों की जान को खतरा हो सकता है।
पीड़ितों का कहना है कि यदि समय पर पर्याप्त एंबुलेंस उपलब्ध होतीं तो इस तरह की अव्यवस्था नहीं होती। 108/102 सेवा भी मौके पर नहीं पहुंची।

मामले के सामने आने के बाद अस्पताल की एंबुलेंस व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों ने सीएमओ और सीएमएस से मांग की है कि मामले की जांच कराकर भविष्य में छुट्टी होने वाली हर प्रसूता के लिए समय पर अलग-अलग एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाए, ताकि किसी महिला और नवजात को परेशानी न हो।
फिलहाल अस्पताल प्रशासन का इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है









