
कन्नौज से जिला संवाददाता अविनाश सिंह की विशेष रिपोर्ट
कन्नौज। जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट के गांधी सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति, यू-विन पोर्टल, जिला आयुष समिति, आयुष्मान भारत, आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सहित स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति, उपलब्ध संसाधनों, टीकाकरण, निर्माण कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन की बिंदुवार समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक योजना का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पहुंचाया जाए। उन्होंने 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त धनराशि के व्यय की विस्तृत समीक्षा के लिए मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि धनराशि के उपयोग, खरीदे गए उपकरणों की आवश्यकता, गुणवत्ता एवं उपयोगिता के साथ स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध संसाधनों का भौतिक सत्यापन कराया जाए और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
एचपीवी टीकाकरण का शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने एचपीवी टीकाकरण की समीक्षा करते हुए इसे बालिकाओं के स्वास्थ्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। बैठक में बताया गया कि जनपद के सभी ब्लॉकों में निर्धारित 20,075 के लक्ष्य के सापेक्ष 7,948 लाभार्थियों को एचपीवी वैक्सीन लगाई जा चुकी है।
जिलाधिकारी ने अब तक लगाए गए टीकों का क्रॉस-वेरिफिकेशन कराने तथा शेष पात्र लाभार्थियों का अभियान चलाकर शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने और आवश्यकता के अनुसार विशेष टीकाकरण कैंप आयोजित कराने को कहा। कैंपों के फोटोग्राफ और आवश्यक अभिलेख सुरक्षित रखने के भी निर्देश दिए गए।
RBSK के तहत 577 छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण
बैठक में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में चलाए गए स्वास्थ्य परीक्षण अभियान की समीक्षा की गई। बताया गया कि 656 पंजीकृत छात्राओं के सापेक्ष 577 छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं से प्रभावित 65 छात्राओं को मौके पर ही आवश्यक उपचार और दवाएं उपलब्ध कराई गईं, जबकि विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता वाली 100 छात्राओं को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों के लिए संदर्भित किया गया।
जिलाधिकारी ने RBSK नोडल अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी संदर्भित 100 छात्राओं को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध आवश्यक और निःशुल्क उपचार प्राथमिकता के आधार पर दिलाया जाए। साथ ही शेष 35 छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण शीघ्र पूरा कराने और पूरी प्रक्रिया की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि छात्राओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। विद्यालयों में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और समयबद्ध उपचार की व्यवस्था प्रभावी रूप से संचालित की जाए।
आयुर्वेदिक चिकित्सालयों के निर्माण में गुणवत्ता पर जोर
जिलाधिकारी ने जनपद में निर्माणाधीन राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय सिकंदरपुर, सराय प्रयाग, जसपुरा पुर सरैया एवं बारामऊ सराय के निर्माण कार्यों की समीक्षा की। बताया गया कि इन चिकित्सालयों का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है।
उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को सभी आयुर्वेदिक केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, निर्धारित मानकों और शेष कार्यों की जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवशेष कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे कराए जाएं, ताकि नवरात्रि के अवसर पर चिकित्सालयों का लोकार्पण कराया जा सके। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने की स्पष्ट हिदायत दी गई।
जननी सुरक्षा योजना में भुगतान की प्रगति बढ़ाने के निर्देश
जननी सुरक्षा योजना के तहत लाभार्थी माताओं को किए जा रहे भुगतान की समीक्षा में वर्तमान में लगभग 40 प्रतिशत भुगतान की स्थिति सामने आई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी एक सप्ताह में भुगतान की प्रगति 75 प्रतिशत तक सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भुगतान प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। लक्ष्य के अनुरूप प्रगति न होने पर जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
यू-विन पोर्टल और आभा आईडी पर विशेष जोर
जिलाधिकारी ने यू-विन पोर्टल पर टीकाकरण की प्रविष्टियों और रिपोर्टिंग की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों का जमीनी स्तर पर हुए टीकाकरण से मिलान सुनिश्चित करने को कहा।
इसके साथ ही आभा आईडी (ABHA ID) के निर्माण एवं उपयोग की प्रगति पर भी विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने अधिक से अधिक लोगों की आभा आईडी बनाने तथा इसके लाभों को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि नागरिक डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर लाभ उठा सकें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र कुमार श्रीवास, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास चन्द्रा सहित स्वास्थ्य विभाग, आयुष विभाग एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।









