
एक स्वास्थ्य केंद्र, जो मरीजों के लिए आशा की किरण होना चाहिए, आज नरक का द्वार बन गया है। कछौना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जल भराव की समस्या इतनी गंभीर हो गई है कि मरीजों को इलाज के लिए लाते समय उनकी जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। यह सिर्फ एक जल भराव की समस्या नहीं है, बल्कि एक व्यापक भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलता का प्रमाण है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि सभी अधिकारी इस मुद्दे पर मौन साधे हुए हैं। उनकी चुप्पी उनकी मिलीभगत और जिम्मेदारी से भागने को दर्शाती है। कोई भी अधिकारी कोई जवाब देने को तैयार नहीं है। यह बेहद निंदनीय है कि वे अपने पद की गरिमा और लोगों की सुरक्षा के बजाय अपनी चुप्पी को प्राथमिकता दे रहे हैं।
इस जल भराव के कारण मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने में भारी कठिनाई हो रही है। उन्हें गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों को एम्बुलेंस से अस्पताल तक ले जाना लगभग असंभव हो गया है। कई मामलों में मरीजों को इलाज के लिए समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका, तो इसकी जिम्मेदार कौन होगा अधीक्षक महोदय जल्द से जल्द मामले को संज्ञान में ले नहीं किसी भी कारण अगर कोई अन्हुनी होती है तो जिम्मेदार आप होंगे।
कछौना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जल भराव की समस्या सिर्फ एक स्थानीय समस्या नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक प्रशासनिक विफलता का प्रमाण है। यह बेहद जरूरी है कि हम इस भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाएं और प्रशासन को जवाबदेह ठहराएं।
लखनऊ मंडल ब्यूरो चीफ – अनुराग












