
ज्ञानपुर (जब्बर खेड़ा):
सरकारी धन के बंदरबांट और प्रशासनिक शह का एक और सनसनीखेज मामला ग्राम सभा ज्ञानपुर के मजरा जब्बर खेड़ा से सामने आया है। यहाँ बने RRC (रिसोर्स रिकवरी सेंटर) के नाम पर जनता की गाढ़ी कमाई को दोनों हाथों से लूटा जा रहा है। सेंटर के मरम्मत कार्य में धड़ल्ले से अमानक और घटिया ‘पीली ईंटों’ का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो बनते ही ढहने की कगार पर हैं।
निर्माण कार्य में हो रही इस धांधली में मानक की धज्जियां उड़ा दी गई हैं। RRC सेंटर में जल निकासी (ड्रेनेज) की कोई व्यवस्था तक नहीं की गई है, जिससे चारों तरफ गंदगी और जलजमाव का खतरा मंडरा रहा है। लाखों रुपये की लागत से बना यह RRC सेंटर लंबे समय से ताले में बंद पड़ा है। सवाल यह उठता है कि जब यह सेंटर जनता के किसी काम ही नहीं आ रहा, तो फिर इसके नाम पर मरम्मत का नाटक रचकर बजट कौन डकार रहा है?
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार और ग्राम पंचायत सचिव (सेक्रेटरी) मिलकर खुलेआम घोटाला कर रहे हैं। इस पूरे मामले में ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) की भूमिका भी संदिग्ध नजर आ रही है। धरातल पर दिख रहे इस खुले भ्रष्टाचार के बावजूद BDO साहब का मौन रहना प्रशासनिक मिलीभगत की ओर सीधा इशारा कर रहा है।

कब तक विकास के नाम पर जनता को बेवकूफ बनाया जाता रहेगा? क्या सरकारी फाइलों में फर्जी विकास दिखाकर बजट की लूट यूँ ही जारी रहेगी? ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि BDO ने तत्काल संज्ञान लेकर दोषी ठेकेदार और सेक्रेटरी पर कड़ी दंडात्मक कार्यवाही नहीं की, तो जल्द ही पूरे गांव का जनाक्रोश सड़कों पर दिखाई देगा। इस बार जनता चुप नहीं बैठेगी और उठने वाले इस उग्र जन-आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी ब्लॉक प्रशासन की होगी।
लखनऊ मंडल ब्यूरो चीफ – अनुराग सिंह








