
सीतापुर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर देश की राजधानी नई दिल्ली के साईं गार्डन में आयोजित एक भव्य राष्ट्रीय समारोह में जनपद सीतापुर की प्रतिभाशाली सामाजिक कार्यकर्ती नीतू वर्मा को “राष्ट्रीय नारी रत्न सम्मान 2026” से अलंकृत किया गया। यह सम्मान उन्हें शिक्षा, सामाजिक सेवा और मानवीय सहयोग के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।
इस अवसर पर उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान रविंद्र इंद्राज सिंह (कैबिनेट मंत्री, दिल्ली सरकार) के कर कमलों से प्रदान किया गया। समारोह का आयोजन बाल युवा नारी जाग्रति मंच , दिल्ली द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में किया गया, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से चयनित प्रतिभाशाली महिलाओं को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
नीतू वर्मा सिधौली क्षेत्र की निवासी हैं और उनका जीवन संघर्ष, परिश्रम तथा सेवा भावना का प्रेरणादायी उदाहरण है। साधारण किसान परिवार में जन्मी नीतू वर्मा के पिता एक मेहनती किसान हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने शिक्षा के महत्व को समझते हुए अपने जीवन को समाज सेवा और जनकल्याण के लिए समर्पित किया।
उन्होंने शिक्षाविद् एवं समाजसेवी आर डी वर्मा (गुरुजी) द्वारा संचालित स्वामी विवेकानंद सामाजिक सेवा संस्थान से निःशुल्क प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की और अपने अथक प्रयासों के बल पर आज ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। नीतू वर्मा गुरुजी आर. डी. वर्मा के विचारों से अत्यंत प्रेरित हैं।
विशेष उल्लेखनीय बात यह है कि जिस संस्थान से उन्होंने शिक्षा प्राप्त कर अपने जीवन को नई दिशा दी, आज उसी संस्थान से जुड़कर वे समाज के आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही हैं। वे संस्थान को आर्थिक और शारीरिक सहयोग प्रदान करते हुए निःशुल्क प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करती हैं, जिससे अनेक युवा अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ सकें।
सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी संवेदनशीलता केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है। नीतू वर्मा समय-समय पर रक्तदान कर जरूरतमंदों की सहायता करती रही हैं, जिसके कारण उन्हें “रक्त वीरांगना” के रूप में भी जाना जाता है। इसके अतिरिक्त वे दुर्घटना के शिकार मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने से लेकर आर्थिक सहायता पहुँचाने तक अनेक मानवीय कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं।
यह राष्ट्रीय सम्मान न केवल नीतू वर्मा के व्यक्तिगत परिश्रम, समर्पण और सेवा भावना का सम्मान है, बल्कि यह पूरे जनपद तथा सिधौली क्षेत्र के लिए भी गर्व का विषय है। नीतू वर्मा का जीवन संघर्ष, समर्पण और समाज सेवा की भावना आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।









