
सीतापुर। नैमिषारण्य पहुंचे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गो संरक्षण को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि गो रक्षा से ही विश्व की रक्षा संभव है और जब-जब गाय संकट में पड़ती है, तब-तब देश पर भी संकट मंडराने लगता है। उन्होंने यह भी कहा कि गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिया जाना चाहिए।

शंकराचार्य ने सरकार और प्रशासन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जो भी सरकारें हैं, वे हमारी ही हैं और सभी सरकारों का कर्तव्य है कि गो माता के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को गो रक्षा के लिए आगे आना चाहिए।

उन्होंने बताया कि लखनऊ में प्रस्तावित सभा के लिए उन्हें 26 शर्तों के साथ अनुमति दी गई है। इस संबंध में उन्होंने कहा कि फिलहाल यहां नेटवर्क कमजोर है, इसलिए आगे की जानकारी बाहर निकलने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
नैमिषारण्य आगमन को महत्वपूर्ण बताते हुए शंकराचार्य ने कहा कि यह पवित्र स्थल इसलिए भी विशेष है क्योंकि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ऋषि दधीचि ने यहीं से वृत्तासुर राक्षस से विश्व की गायों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए थे।
उन्होंने दोहराया कि गो माता की रक्षा अत्यंत आवश्यक है और इसके लिए समाज के साथ-साथ सरकारों को भी गंभीरता से कदम उठाने होंगे। शंकराचार्य ने कहा कि गो रक्षा को लेकर उनका अभियान आगे भी जारी रहेगा।









