
अमृतपुर तहसील क्राइम संवाददाता विनोद कुमार की रिपोर्ट
फर्रुखाबाद। एशिया की प्रमुख आलू मंडियों में शुमार सातनपुर आलू मंडी में इन दिनों किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान अपनी आलू की फसल लेकर कई दिनों से मंडी पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें दो-दो से तीन-तीन दिन तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। इसके बावजूद जब आलू का भाव खुलता है तो उन्हें मात्र ₹50 प्रति पैकेट कीमत मिल रही है।
किसानों का कहना है कि इतनी कम कीमत पर फसल बेचना उनके लिए भारी नुकसान का सौदा है। कई किसानों ने बताया कि वे बहन-बेटियों की शादी और घर-परिवार के खर्चों के लिए कर्ज लेकर आलू की खेती करते हैं, लेकिन बिक्री के समय उन्हें लागत तक नहीं मिल पाती।
मंडी में नाराज किसानों ने बताया कि मजबूरी में कुछ किसान अपनी फसल वापस ट्रैक्टर में लादकर ले जा रहे हैं और रास्ते में सड़क किनारे या नालों में आलू फेंकने को मजबूर हो रहे हैं। उनका कहना है कि जब फसल का इतना कम दाम मिलता है तो उसे मंडी में बेचने का कोई फायदा नहीं रह जाता।
किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आलू के दाम इसी तरह गिरते रहे तो वे मंडी में आलू लाना बंद कर देंगे। उनका कहना है कि अगर सरकार और संबंधित अधिकारी इस समस्या पर ध्यान नहीं देते हैं, तो वे विरोध स्वरूप जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के घरों के बाहर आलू पलटने को मजबूर होंगे।
एक किसान ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि उन्होंने आलू की खेती के लिए कर्ज लिया था, लेकिन अब उन्हें लागत तक नहीं मिल रही है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि उनकी समस्या को गंभीरता से समझते हुए आलू का उचित मूल्य तय किया जाए, ताकि उन्हें उनकी मेहनत का सही दाम मिल सके।









