
सीतापुर जनपद में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती, लो-वोल्टेज की समस्या तथा विद्युत विभाग की लापरवाही को लेकर भारतीय किसान यूनियन (लोकतांत्रिक) ने कड़ा रुख अपनाया है। संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो जनपद स्तर पर विशाल आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग एवं प्रशासन की होगी।
भारतीय किसान यूनियन (लोकतांत्रिक) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश सिंह चौहान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामप्रकाश सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष मनीष मिश्रा तथा जिला अध्यक्ष अमित कुमार बबलू सहित अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में लगातार हो रही बिजली कटौती से किसान, छात्र, व्यापारी और आम नागरिक गंभीर परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
नेताओं ने कहा कि इस समय किसान धान की नर्सरी, सिंचाई एवं अन्य कृषि कार्यों में जुटे हुए हैं, लेकिन पर्याप्त बिजली न मिलने के कारण खेती-किसानी प्रभावित हो रही है। कई क्षेत्रों में घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रहती है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं भीषण गर्मी के बीच आम जनता भी बिजली संकट से जूझ रही है।
संगठन पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग द्वारा शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है। बार-बार शिकायतों के बावजूद विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है, जिससे लोगों में भारी रोष व्याप्त है।
भाकियू लोकतांत्रिक के नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही बिजली कटौती पर रोक नहीं लगाई गई और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई तो संगठन जिले भर के किसानों और आम नागरिकों को साथ लेकर व्यापक आंदोलन शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि किसानों और जनता के हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
संगठन ने विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर बिजली व्यवस्था में सुधार करने तथा जनता को राहत देने की मांग की है। साथ ही कहा कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की तिथि शीघ्र घोषित की जाएगी।








