
रिपोर्ट एटा जिला संवाददाता शिवम सिंह
एटा। कोतवाली अलीगंज क्षेत्र स्थित एक निजी स्कूल में मंगलवार सुबह करीब 7:30 बजे कक्ष संख्या-1 में एक व्यक्ति का शव पंखे से लटका मिला। सूचना मिलते ही कोतवाली अलीगंज पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। मृतक की पहचान 55 वर्षीय कैंटीन संचालक गिरीश चंद्र गुप्ता के रूप में हुई है। परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर फोरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया।
कैंटीन का संचालन करते थे मृतक
मृतक की पहचान मोहल्ला नजफअली निवासी गिरीश चंद्र गुप्ता पुत्र स्व. राम गुप्ता के रूप में हुई। परिजनों के अनुसार, वह पिछले करीब चार वर्षों से अलीगंज के कोट रोड स्थित एक प्लॉट में परिवार के साथ रह रहे थे। उनका घर स्कूल के सामने ही था। गिरीश चंद्र गुप्ता स्कूल में कैंटीन का संचालन करते थे और प्रतिदिन स्कूल आते-जाते थे।
स्कूल प्रशासन ने दी मौत की सूचना
मृतक की बहू संजना ने बताया कि उनके ससुर स्कूल में कैंटीन का सामान बेचते थे। उनका आरोप है कि कुछ समय पहले स्कूल प्रबंधन से उनका विवाद हो गया था। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन ने कुछ दिन पहले उनके ससुर का सामान भी फेंक दिया था। संजना के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब साढ़े सात बजे स्कूल की ओर से फोन कर सूचना दी गई कि उनके ससुर ने स्कूल में फांसी लगा ली है।
भतीजे ने लगाया हत्या का आरोप
भतीजे सुमन ने बताया कि चार दिन पहले स्कूल में दुकान लगाने को लेकर स्कूल संचालकों से विवाद हुआ था, जिससे मृतक परेशान चल रहे थे। उनका आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है। उन्होंने कहा कि मृतक के कंधे पर अंगोछा भी पड़ा था, ऐसे में फांसी लगाने के दौरान उसका उसी तरह कंधे पर रहना संदेह पैदा करता है।
स्कूल प्रबंधक ने आरोपों से किया इनकार
स्कूल के प्रबंधक मंजूरुल हसन ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि गिरीश कुमार स्कूल में दुकान लगाते थे। उन्हें स्कूल की चाबी दी जाती थी और वही सुबह स्कूल खोलते तथा बंद करते थे। कुछ दिन पहले उनके शराब पीकर आने की जानकारी मिली थी, जिस पर उन्हें मना किया गया। इसी बात को लेकर चार दिन पहले विवाद हुआ था। प्रबंधक का कहना है कि दुकान हटाए जाने के बाद मृतक चाबी फेंककर चले गए थे और मंगलवार सुबह दीवार फांदकर स्कूल में आए, जहां कक्षा में फांसी लगा ली।
मृतक अपने पीछे तीन बेटियां बबली, आरजू और मोनिका तथा दो बेटे अभिषेक और अनमोल छोड़ गए हैं। वह आठ भाइयों में से एक थे।
परिजनों के आरोपों के आधार पर जांच शुरू
कोतवाली अलीगंज के प्रभारी निरीक्षक रूपेश वर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस, डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई थी। घटनास्थल से सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। फिलहाल कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।









