
अमृतपुर तहसील संवाददाता कुलदीप
फर्रुखाबाद में पिछले कई दिनों से लगातार बढ़ रहे गंगा और रामगंगा नदियों के जलस्तर के बीच अब राहत भरी खबर सामने आई है। गंगा प्रमुख नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज होने के बाद तटीय इलाकों और बाढ़ प्रभावित गांवों में रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है। लगातार बढ़ते जलस्तर के चलते जहां ग्रामीणों में बाढ़ और जलभराव को लेकर दहशत का माहौल बना हुआ था, वहीं अब पानी कम होने से हालात धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद जगी है। आज सुबह दर्ज किए गए आंकड़ों के अनुसार फर्रुखाबाद में गंगा नदी का जलस्तर घटकर 136.90 मीटर पर पहुंच गया है। जलस्तर में कमी आने से गंगा के किनारे बसे इलाकों में पानी का दबाव कम हुआ है और निचले क्षेत्रों में बाढ़ का पानी फैलने की रफ्तार भी थमती दिखाई दे रही है। वहीं गंगा नदी के बहाव और ऊपरी इलाकों से आने वाले पानी पर प्रशासन और सिंचाई विभाग लगातार नजर बनाए हुए हैं। आज सुबह प्रमुख बैराजों और बांधों से छोड़े गए पानी की बात करें तो नरौरा बांध से 64,283 क्यूसेक, हरिद्वार बैराज से 74,532 क्यूसेक और बिजनौर बैराज से 54,706 क्यूसेक पानी गंगा नदी में छोड़ा गया है। इसके बावजूद फर्रुखाबाद में गंगा के जलस्तर में गिरावट दर्ज होना फिलहाल राहत की बात मानी जा रही है। अधिकारियों की नजर लगातार बैराजों से छोड़े जा रहे पानी और नदी के बहाव पर बनी हुई है, क्योंकि ऊपरी इलाकों से आने वाले पानी का असर आने वाले समय में निचले क्षेत्रों पर पड़ सकता है। वहीं गंगा के साथ-साथ रामगंगा नदी के जलस्तर में भी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। रामगंगा नदी का वर्तमान जलस्तर 137.05 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि आज सुबह रामगंगा में 5,754 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। पानी के बहाव में कमी आने से रामगंगा के किनारे बसे गांवों में कटान और जलभराव के खतरे में भी फिलहाल कमी आने की उम्मीद है। पिछले कुछ दिनों से बाढ़ की आशंका के चलते ग्रामीण अपने घरों, फसलों और पशुओं को लेकर चिंतित थे, लेकिन नदियों के जलस्तर में आई गिरावट ने उन्हें कुछ राहत जरूर दी है। कई निचले इलाकों और खेतों में पहुंचा बाढ़ का पानी भी धीरे-धीरे कम होने लगा है, जिससे ग्रामीणों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। तटबंधों की निगरानी बढ़ाई गई है और संवेदनशील क्षेत्रों में अधिकारियों एवं संबंधित विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों को भी सलाह दी गई है कि जब तक नदियों का जलस्तर पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाता, तब तक नदी के किनारे या तेज बहाव वाले पानी में जाने से बचें। फिलहाल गंगा और रामगंगा के जलस्तर में गिरावट को फर्रुखाबाद के बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए राहत का संकेत माना जा रहा है, लेकिन प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच अगले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।










