
सीतापुर
ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों को लेकर संगतिन किसान मजदूर संगठन ने विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB-G RAM-G बिल 2025 का कड़ा विरोध जताया। संगठन से जुड़े मजदूरों ने विकास खंड मछरेहटा मुख्यालय पर बिल की प्रतियां जलाकर विरोध प्रदर्शन किया और इसे श्रमिक विरोधी बताया।
प्रदर्शन में राजाराम, पप्पू, संदीपा, सरोजनी, राम देवी, संगीत, राजश्री, कमला, शिवचरण, जगरानी, नीतू सहित बड़ी संख्या में मजदूर शामिल हुए। नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह प्रस्तावित बिल मनरेगा के तहत मिलने वाले काम के कानूनी अधिकार को समाप्त कर देगा और रोजगार व्यवस्था को केंद्र नियंत्रित योजना में बदल देगा।
मजदूरों का कहना है कि मनरेगा अधिनियम 2005 ने ग्रामीण गरीबों, महिलाओं, दलितों और भूमिहीन मजदूरों को सम्मानजनक आजीविका प्रदान की है, जबकि नया VB-G RAM-G बिल मांग आधारित रोजगार प्रणाली को खत्म कर पहले बजट तय करने और बाद में काम देने की नीति लागू करता है। प्रदर्शनकारियों ने 125 दिनों के रोजगार के वादे को भी भ्रामक बताया।
संगठन ने आरोप लगाया कि 60:40 की लागत साझेदारी का प्रावधान राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालेगा, जिससे कमजोर और गरीब राज्यों में योजना का क्रियान्वयन प्रभावित होगा और मजदूरों का पलायन बढ़ेगा। इसके अलावा कृषि मौसम के दौरान 60 दिनों तक काम रोकने के प्रावधान को भी मजदूर विरोधी करार दिया गया। डिजिटल और बायोमेट्रिक निगरानी व्यवस्था को सामाजिक जवाबदेही के खिलाफ बताया गया।
प्रदर्शन के दौरान संगठन की ओर से माननीय राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन विकास खंड अधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया गया। ज्ञापन में VB-G RAM-G बिल 2025 पर हस्ताक्षर न करने, प्रस्तावित बिल को वापस लेने, मनरेगा के मूल अधिकार आधारित स्वरूप को बनाए रखने और मजदूरी दर बढ़ाने की मांग की गई।









