
सीतापुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ लगाए गए पोस्टरों को लेकर सोमवार को जिले में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। शहर के बाहरी इलाकों में कई स्थानों पर लगाए गए पोस्टरों और बैनरों की जानकारी मिलते ही सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया।
सूचना मिलने पर धौरहरा से सांसद आनंद भदौरिया अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आपत्तिजनक बताए जा रहे बैनरों को हटाने की कार्रवाई में स्वयं भाग लिया। एक स्थान पर ऊंचाई पर लगे बैनर को हटाने के लिए वे खंभे पर भी चढ़ गए। इसके अलावा छात्रसभा और पार्टी के अन्य पदाधिकारियों ने भी विभिन्न स्थानों पर लगे पोस्टरों को हटवाया।

सपा नेताओं का कहना है कि इन पोस्टरों के माध्यम से पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व की छवि खराब करने का प्रयास किया गया है। पोस्टरों पर पार्टी और उसके चुनाव चिह्न को लेकर कई विवादित और विरोधात्मक टिप्पणियां लिखी गई थीं, जिन पर कार्यकर्ताओं ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।
मामले को गंभीर बताते हुए सांसद आनंद भदौरिया ने पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल से मुलाकात की। उन्होंने पोस्टर लगाने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की। पार्टी नेताओं ने इसे सुनियोजित राजनीतिक साजिश बताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
घटना के बाद जिले में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। वहीं पुलिस प्रशासन को पूरे मामले की जानकारी दे दी गई है। अब जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि पोस्टर लगाने के पीछे कौन लोग शामिल थे और प्रशासन इस प्रकरण में क्या कदम उठाता है।








