
सीतापुर/मछरेहटा। मछरेहटा कस्बे के मिश्रिख रोड स्थित प्रधान दवाखाना के सामने गुरुवार शाम करीब छह बजे एक दर्दनाक हादसे में 16 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई, जबकि उसकी मां गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद पूरे कस्बे में शोक और आक्रोश का माहौल है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ्तार ट्रक (UP27 AT 1894) मिश्रिख रोड से गुजर रहा था। इसी दौरान ट्रक सड़क के ऊपर लटक रहे तारों में फंस गया। तारों पर अचानक जोर पड़ने से सड़क किनारे लगे एक के बाद एक पांच खंभे भरभराकर सड़क पर गिर पड़े। उसी समय नई बस्ती निवासी राजू बहेलिया की पुत्री सुभी (16) अपनी मां सरोजनी (35) के साथ सड़क से गुजर रही थीं। अचानक गिरे एक खंभे की चपेट में आने से सुभी के सिर में गंभीर चोट लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं सरोजनी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मछरेहटा भेजा गया।

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। घायल महिला को अस्पताल भेजने के साथ ही किशोरी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को भी अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने लटकते तारों और जर्जर व्यवस्था पर नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग पर बिजली के तार लंबे समय से नीचे लटक रहे थे और इससे पहले भी भारी वाहनों के तारों में फंसने से खंभे क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं हो चुकी हैं। कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।

वहीं, इस मामले में बिजली विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि जिस खंभे के गिरने से किशोरी की मौत हुई, वह विभाग का नहीं बल्कि ओएमसी (OMC) का खंभा था। हालांकि स्थानीय लोगों का दावा है कि जिस खंभे के नीचे दबकर किशोरी की जान गई, वह बिजली विभाग का ही था, जबकि ओएमसी का खंभा उसके पास खड़ा है। लोगों का यह भी कहना है कि हादसे में ओएमसी का एक अन्य खंभा जरूर क्षतिग्रस्त हुआ, लेकिन वह गिरा नहीं। खंभों के स्वामित्व को लेकर फिलहाल अलग-अलग दावे सामने आए हैं, जिसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
प्रभारी निरीक्षक प्रभात कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। ट्रक को कब्जे में लेकर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं, ग्रामीणों ने हादसे की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की है।








