Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

सीतापुर सीएचसी में अव्यवस्थाओं और पशु टीकाकरण में लापरवाही का आरोप, भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) लोकतांत्रिक ने उपजिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

Author Image
Written by
मनोज मिश्रा

सीतापुर सिधौली भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामप्रकाश सिंह एडवोकेट ने मंगलवार को उपजिलाधिकारी सिधौली को दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सिधौली की कथित अव्यवस्थाओं तथा पशुओं में फैल रही संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए टीकाकरण अभियान में लापरवाही का मुद्दा उठाया। संगठन ने दोनों मामलों में उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।

 

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि सीएचसी सिधौली के अंतर्गत आने वाले कई गांवों में वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए छिड़काव नहीं कराया गया है। कई ग्राम पंचायतों में आशा और ग्राम प्रधानों के खाते तक नहीं खोले गए हैं, जिससे स्वास्थ्य योजनाओं के संचालन में बाधा उत्पन्न हो रही है।

 

संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि सीएचसी में प्रसव कराने आने वाले मरीजों के परिजनों से प्रति डिलीवरी 500 से 700 रुपये तक की अवैध वसूली की जाती है। वहीं जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर 100 से 200 रुपये तक वसूले जाने की भी शिकायत की गई है।

 

ज्ञापन में कहा गया है कि रात्रि के समय अस्पताल में चिकित्सक उपलब्ध नहीं रहते। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक रात्रि निवास न कर निजी अस्पताल संचालित करते हैं, जिससे आपातकालीन मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

 

इसके अलावा आरोप लगाया गया कि मेडिकल परीक्षण के लिए पुलिस द्वारा लाए गए पीड़ितों पर कर्मचारियों और अन्य लोगों द्वारा दबाव बनाकर उनके परिजनों से मनमाने तरीके से धन वसूला जाता है। आशा बहुओं से भुगतान संबंधी वाउचर जमा करने पर भी प्रति वाउचर 200 रुपये लिए जाने की शिकायत दर्ज कराई गई है।

 

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि अस्पताल में जीवनरक्षक दवाओं का अभाव बना रहता है तथा सिंह पुर गांव स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र नियमित रूप से नहीं खुलता, जिससे ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

 

इसी के साथ संगठन ने दूसरा ज्ञापन देकर क्षेत्र में पशुओं में फैल रही खुरपका-मुंहपका जैसी संक्रामक बीमारियों पर चिंता जताई। ज्ञापन के अनुसार सरकार द्वारा प्रतिवर्ष टीकाकरण अभियान चलाया जाता है, लेकिन कई गांवों में अभी तक टीकाकरण शुरू नहीं हुआ है। संगठन का आरोप है कि केवल कागजों पर टीकाकरण दिखाकर अभियान की औपचारिकता पूरी की जा रही है।

 

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि पिछले वर्ष टीकाकरण न होने के कारण कई गांवों में खुरपका-मुंहपका बीमारी तेजी से फैली थी, जिससे बड़ी संख्या में पशुओं की मौत हुई थी। किसान यूनियन ने आशंका जताई कि यदि समय रहते व्यापक टीकाकरण अभियान नहीं चलाया गया तो इस वर्ष भी पशुपालकों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

 

भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) लोकतांत्रिक ने उपजिलाधिकारी से दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं एवं पशु टीकाकरण व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की है।

आज का राशिफल

वोट करें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एपल प्रमुख टिम कुक से आईफोन का निर्माण भारत में न करने को कहा है। क्या इसका असर देश के स्मार्टफोन उद्योग पर पड़ सकता है?

Advertisement Box

गुरुवार, 30 जुलाई 2026

आज का सुविचार

क्रोध और तूफान दोनों एक समान हैं। शांत होने के बाद ही पता चलता है कि कितना नुकसान हुआ है। इसलिए हमेशा शांत रहकर निर्णय लें, क्योंकि गर्म दिमाग से लिए गए फैसले अक्सर गलत होते हैं।

Advertisement Box

और भी पढ़ें

WhatsApp