
लखनऊ, विभूतिखंड थाना प्रभारी पर अभद्र व्यवहार और जातिसूचक टिप्पणी का आरोप लगाते हुए अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को विभूतिखंड थाने के अंदर ही धरना शुरू कर दिया। वकीलों की मांग है कि इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह को तत्काल हटाया जाए।
जानकारी के अनुसार, अधिवक्ता पंकज मिश्रा एक मामले में प्रार्थना पत्र देने थाने पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी थाना प्रभारी उपेंद्र सिंह से कहासुनी हो गई। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने वकील के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और जातिसूचक टिप्पणी की।
घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता थाने पहुंच गए। वकीलों ने थाने के अंदर टेबल के पास और फर्श पर बैठकर धरना शुरू कर दिया। इस दौरान थाने में अफरा-तफरी का माहौल रहा।
स्थिति बिगड़ती देख ACP विभूतिखंड सौम्या पांडे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे वकीलों को समझाने का प्रयास किया और मामले को शांत कराने की कोशिश की।
गौरतलब है कि मार्च 2025 में भी विभूतिखंड थाने में पुलिस-वकील भिड़ंत हो चुकी है। तब वकील सौरभ वर्मा की तहरीर पर 9 पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। DCP पूर्वी के आदेश पर अतिरिक्त निरीक्षक समेत 5 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया था। वहीं पुलिस की तरफ से भी 150 वकीलों पर थाने में हंगामा, मारपीट और दरोगा की वर्दी फाड़ने का केस दर्ज हुआ था।
फिलहाल वकील इंस्पेक्टर को हटाने की मांग पर अड़े हैं। पुलिस के आला अधिकारी मामले की जांच की बात कह रहे हैं।








