
कानपुर देहात के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान एक मजदूर की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही और गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया है। घटना के विरोध में करीब 50 ग्रामीण और परिजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामला रूरा थाना क्षेत्र के मल्लाहन पुरवा गांव का है।
मृतक पुतई को 23 जुलाई की रात शरीर में दर्द की शिकायत होने पर अकबरपुर रोड स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में उस समय कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था और स्टाफ के एक युवक ने उन्हें इंजेक्शन लगाया।
परिजनों के अनुसार पहला इंजेक्शन सही तरीके से न लगने पर तुरंत दूसरा इंजेक्शन दिया गया। इसके करीब 20 मिनट बाद पुतई की तबीयत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई।
परिवार का आरोप है कि मौत के बाद भी अस्पताल कर्मी यह कहते रहे कि मरीज सो रहा है और उसे जगाया न जाए। उनका दावा है कि उस समय तक पुतई की मौत हो चुकी थी। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि रात में पुलिस बिना पूरी जानकारी दिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
पुतई मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनके चार छोटे बच्चे हैं। परिजनों का कहना है कि उनकी मौत के बाद परिवार के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
घटना के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन एसपी कार्यालय पहुंचे। मृतक के भाई ने पुलिस को तहरीर देकर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
इस मामले में रूरा थाना प्रभारी सुधीर भारद्वाज ने बताया कि तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है। अस्पताल के दस्तावेज और स्टाफ के बयान लिए जा रहे हैं। दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।









