
जन वितरण प्रणाली के उचित दर विक्रेताओं यानी कोटेदारों का लगभग 5 महीने का कमीशन भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। बार-बार मांग और ध्यानाकर्षण के बावजूद समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
कोटेदारों को रोजाना राशन वितरण, ई-केवाईसी, सत्यापन और अन्य विभागीय कार्य नियमित रूप से करने पड़ रहे हैं। लेकिन मेहनताने का भुगतान समय पर न होने से उन्हें आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इससे जन वितरण प्रणाली का संचालन भी प्रभावित हो रहा है।
कोटेदार संगठनों का कहना है कि दुर्भाग्य से हर साल यही स्थिति बनती है। केवल आश्वासन मिलते हैं, स्थायी समाधान नहीं होता। यदि लंबित कमीशन का भुगतान जल्द नहीं हुआ तो कोटेदारों में व्यापक असंतोष फैलना तय है।
कोटेदारों ने लंबित कमीशन भुगतान न होने पर अगस्त माह में राशन वितरण हड़ताल की चेतावनी दी है। कोटेदार संगठनों का कहना है कि यदि समय रहते भुगतान नहीं हुआ तो अगस्त का राशन जुलाई में ही वितरित कर दिया जाएगा। इससे अगस्त माह पिछले वर्ष की तरह वितरण कार्य से मुक्त रहेगा।
कोटेदारों की मांग है कि उनके सभी लंबित कमीशन का तत्काल भुगतान किया जाए। साथ ही भविष्य में नियमित और समयबद्ध भुगतान की व्यवस्था बनाई जाए ताकि हर साल होने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
संगठनों ने कहा है “कोटेदारों का समय पर कमीशन उनका अधिकार है, कोई उपकार नहीं” और “जब कार्य नियमित है, तो भुगतान भी नियमित होना चाहिए”। कोटेदारों ने संबंधित अधिकारियों और शासन से इस मांग पर तुरंत कार्रवाई की अपील की है।









