
सीतापुर। जनपद सीतापुर के मछरेहटा विद्युत उपकेंद्र अंतर्गत संचालित बिहट कृषक फीडर पर लंबे समय से बाधित बिजली आपूर्ति को लेकर किसानों का आक्रोश रविवार को खुलकर सामने आया। सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली न मिलने से परेशान किसानों ने विद्युत विभाग के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया और जल्द समस्या का समाधान न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।

धरनारत किसानों का आरोप है कि पिछले लगभग 15 दिनों से फीडर पर बिजली आपूर्ति नियमित नहीं हो रही है, जिसके कारण खेतों में सिंचाई का कार्य बुरी तरह प्रभावित हो गया है। किसानों का कहना है कि गन्ने की फसल को समय पर पानी न मिलने से वह सूखने लगी है तथा फसल को भारी नुकसान पहुंच रहा है। साथ ही धान की बेड़ (नर्सरी) भी प्रभावित हो रही है।

धरने में शामिल किसान राहुल सिंह ने बताया कि किसान अपने खेतों में खाद और कीटनाशक (कोराजन) का प्रयोग कर चुके हैं, जिसके बाद सिंचाई अत्यंत आवश्यक हो जाती है। लेकिन बिजली न मिलने के कारण फसलों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। उन्होंने बताया कि बिहट कृषक फीडर क्षेत्र में अधिकांश सिंचाई समर्सिबल ट्यूबवेल के माध्यम से होती है, इसलिए बिजली आपूर्ति बाधित होने का सीधा असर खेती पर पड़ रहा है।

किसानों ने आरोप लगाया कि समस्या की शिकायत के लिए लाइनमैन एवं पावर हाउस के नंबरों पर संपर्क किया जाता है, लेकिन अधिकांश समय फोन नहीं उठाया जाता और उचित जवाब भी नहीं मिलता। किसानों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।

धरना स्थल पर मौजूद कुछ किसानों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र बिजली व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो वे कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगे। धरने में राहुल सिंह, रामू अवस्थी, ज्ञानेंद्र अवस्थी, चित्रसेन तिवारी, गयाप्रसाद, सुरेश, दीपेंद्र सिंह, राजा सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

वहीं, विद्युत विभाग की ओर से उपखंड अधिकारी (एसडीओ) शैलेंद्र वर्मा ने बताया कि हाल ही में आई तेज आंधी और बारिश के कारण विद्युत लाइन में तकनीकी खराबी आ गई थी, जिससे पिछले लगभग एक सप्ताह से आपूर्ति प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य कराया जा रहा है और जल्द ही बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।









