
लखनऊ पारा थाना क्षेत्र में तैनात एक महिला दरोगा ने अपने ससुर पर दुष्कर्म, जान से मारने की कोशिश और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता, जो वर्तमान में Prayagraj में दरोगा पद पर तैनात हैं, ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी शादी 14 फरवरी 2025 को हुई थी।
महिला दरोगा का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा जातिसूचक टिप्पणियां कर प्रताड़ित किया जाने लगा। उनका कहना है कि वह चौरसिया समाज से हैं, जबकि उनके पति ठाकुर समाज से हैं, जिसे लेकर उन्हें लगातार अपमानित किया जाता था। नौकरी करने को लेकर भी परिवार में विवाद रहता था और उन पर दबाव बनाया जाता था।
पीड़िता के अनुसार, कुछ समय बाद उनके ससुर का व्यवहार बदल गया और उन्होंने अश्लील हरकतें शुरू कर दीं। विरोध करने पर लाइसेंसी हथियार दिखाकर धमकाया गया। महिला का आरोप है कि बाद में उनके साथ दुष्कर्म किया गया। जब उन्होंने इसकी जानकारी अपने पति को दी तो उन्होंने विरोध करने के बजाय चुप रहने का दबाव बनाया। सास और ननद पर भी मामले को दबाने का आरोप लगाया गया है।
महिला दरोगा ने आरोप लगाया कि 19 जनवरी 2026 को उनके पति ने उनकी इच्छा के विरुद्ध जबरन शारीरिक संबंध बनाए। विरोध करने पर कथित तौर पर उन्हें चूहे मारने वाला जहर खिलाकर कमरे में बंद कर दिया गया। बाद में उन्होंने अपने पिता को फोन कर सूचना दी, जिसके बाद उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पीड़िता का यह भी आरोप है कि समझौते के लिए पहुंचे उनके पिता के साथ मारपीट की गई। पति पर लोहे की रॉड से हमला करने और रिवॉल्वर निकालकर जान से मारने की कोशिश का आरोप है। महिला के मुताबिक 25 मई की सुबह उन पर फायरिंग भी की गई, जिसमें वह बाल-बाल बचीं और छत के रास्ते भागकर जान बचाई।
महिला दरोगा ने आरोप लगाया है कि वह पिछले चार दिनों से थाने के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने स्थानीय पुलिस पर ससुराल पक्ष से मिलीभगत का भी आरोप लगाया है।
मामले में एसीपी काकोरी Shakil Ahmad ने कहा है कि मामला संज्ञान में है और जांच की जा रही है।









