
Written by
Chandan Singh
हरदोई सरकारी राशन वितरण व्यवस्था संभाल रहे कोटेदारों ने अपनी परेशानी जाहिर की है। एक कोटेदार ने बताया कि राशन वितरण के लिए जरूरी ई-पॉस मशीन, पोशाक और अन्य खर्चे आज भी उन्हें खुद ही उठाने पड़ रहे हैं।
कोटेदारों का कहना है कि सरकार की तरफ से कमीशन तो तय है, लेकिन दुकान चलाने का पूरा खर्च उनकी जेब से जाता है। ई-पॉस मशीन में खराबी, इंटरनेट, बिजली बिल, दुकान का किराया और वर्दी का पैसा उन्हें अपनी कमाई से देना पड़ता है। इससे उनका मुनाफा बेहद कम रह जाता है।
इस पूरे मामले पर अभी तक जिला प्रशासन या सत्तापक्ष की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। कोटेदार संघ लंबे समय से मशीन मेंटेनेंस और अन्य खर्चों के लिए अलग से बजट की मांग कर रहा है।









