
हरदोई जिलाधिकारी अनुनय झा ने मंगलवार को बिलग्राम तहसील के ककराखेड़ा गांव स्थित कछुआ तालाब का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान तालाब में बढ़ती गंदगी, जलकुंभी और कछुओं के प्राकृतिक आवास को हो रहे नुकसान पर चिंता जताई।
निरीक्षण में तालाब के पानी में प्लास्टिक कचरा व गंदगी मिलने से पानी दूषित पाया गया। डीएम ने कछुओं और अन्य जलीय जीवों के स्वास्थ्य को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तालाब की सघन साफ-सफाई, जलकुंभी हटाने और आसपास की झाड़ियों को साफ करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने तालाब के सौंदर्यीकरण और कछुओं के संरक्षण के लिए किनारों को दुरुस्त करने व पानी स्वच्छ रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कछुआ तालाब की पृष्ठभूमि, पर्यावरणीय महत्व, जलवैज्ञानिक स्थिति और मौजूदा जलीय जैव विविधता पर चर्चा की।
डीएम ने कहा कि तालाब के आसपास जल गुणवत्ता में गिरावट, सीवेज प्रवाह, ठोस व प्लास्टिक अपशिष्ट प्रदूषण, जलकुंभी के फैलाव, दुर्गंध और अतिक्रमण का आकलन कराया जाए। तालाब को जाने वाली सड़क की इंटरलॉकिंग कराने व सौंदर्यीकरण का डिजाइन जल्द प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी, उपजिलाधिकारी बिलग्राम, परियोजना निदेशक, जिला पंचायतराज अधिकारी, प्रभारी जिला सूचना अधिकारी दिव्या निगम, फाउंडेशन इंडिया से शैलेन्द्र, एचसीएल के प्रतिनिधि सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।









