
*लखनऊ*: उत्तर प्रदेश के प्रोन्नत पीसीएस अधिकारियों को पिछले दो महीने से वेतन नहीं मिला है। नियुक्ति अनुभाग-11 द्वारा सैलरी स्लिप निर्गत न होने के कारण अप्रैल और मई माह का वेतन आहरित नहीं हो सका है।
उत्तर प्रदेश प्रान्तीय सिविल सेवा (प्रोन्नत अधिकारी) संघ ने इस गंभीर समस्या को लेकर प्रमुख सचिव, नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग को पत्र लिखा है। संघ के अध्यक्ष विनय कुमार मिश्र द्वारा 01 जून 2026 को भेजे गए पत्र में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है।
*क्या है पूरा मामला*:
संघ ने पत्र में बताया कि नियुक्ति अनुभाग-11 द्वारा संबंधित अधिकारियों की सैलरी स्लिप समय से जारी नहीं की गई। इसके कारण कोषागार से वेतन का आहरण संभव नहीं हो पा रहा है।
लगातार दो महीनों से वेतन न मिलने के कारण अधिकारियों को दैनिक पारिवारिक खर्च, बच्चों की शिक्षा, ऋण (EMI) भुगतान और चिकित्सा संबंधी जरूरतों को पूरा करने में भारी आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
*इन जिलों के अधिकारी प्रभावित*:
संघ के अनुसार सीतापुर, बलिया, प्रतापगढ़, लखीमपुर खीरी, सोनभद्र, मैनपुरी, देवरिया, मथुरा, बुलंदशहर, अमरोहा, महाराजगंज, संत कबीर नगर, लखनऊ समेत कई जिलों के प्रोन्नत पीसीएस अधिकारी पिछले दो माह से वेतन से वंचित हैं।
*संघ ने उठाए सवाल*:
संघ का कहना है कि फील्ड और सचिवालय में तैनात अधिकारी पूरी निष्ठा से शासकीय दायित्व निभा रहे हैं। ऐसी स्थिति में प्रशासनिक स्तर पर तकनीकी या प्रक्रियात्मक देरी के कारण वेतन रुकना अधिकारियों के मनोबल को प्रभावित करता है। नियुक्ति अनुभाग-11 द्वारा वेतन पर्ची जारी करने में हो रहे विलंब का कोई ठोस कारण स्पष्ट नहीं है।
*शासन से मांग*:
संघ ने प्रमुख सचिव से तत्काल संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करने का अनुरोध किया है, ताकि लंबित वेतन पर्चियां युद्धस्तर पर निर्गत की जा सकें और प्रभावित पीसीएस अधिकारियों का अप्रैल व मई का वेतन शीघ्र आहरित हो सके।
*रिपोर्ट: चन्दन सिंह कुशवाहा*









