
नई दिल्ली – भारत ने हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों की मारक दूरी बढ़ाने की तकनीक हासिल कर ली है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने ओडिशा तट पर चांदीपुर के एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) में सॉलिड फ्यूल डक्टेड रैमजेट (एसएफडीआर) का परीक्षण किया, जो पूरी तरह सफल रहा है।
इस तकनीक के साथ, भारत हाइपरसोनिक मिसाइल विकसित करने वाला पहला देश बन गया है, जो ध्वनि की गति से आठ गुना अधिक गति से यात्रा कर सकती है। यह वैश्विक रक्षा प्रौद्योगिकी में एक गेम-चेंजर है, जो किसी अन्य देश के पास नहीं है।
डीआरडीओ के मुताबिक, इस तकनीक से भारत को लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल विकसित करने में मदद मिलेगी, जिससे सशस्त्र बलों को बढ़त हासिल होगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस तकनीक के सफल प्रदर्शन के लिए डीआरडीओ और इंडस्ट्री को बधाई दी।
इस तकनीक के विकास से भारत को एयरोस्पेस की दुनिया में बढ़त मिली है और वह उन खास देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है, जिनके पास यह तकनीक है।









