
सीतापुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सनातन धर्म, एकता और राष्ट्र की सुरक्षा को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि सनातन कमजोर होगा तो देश भी कमजोर होगा। “बंटोगे तो कटोगे” का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने समाज को बांटने वाली ताकतों से सतर्क रहने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब-जब भारत बंटा, तब-तब उसे गुलामी और अत्याचार का सामना करना पड़ा। उन्होंने बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां हिंदुओं, विशेषकर दलित हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार किसी से छिपे नहीं हैं, लेकिन इस पर बहुत से लोग चुप्पी साधे हुए हैं।

इस अवसर पर सीएम योगी ने तपोधाम आश्रम में संत गिरधारी नाथ महाराज के स्मारक स्थल का अनावरण किया और पूजा-अर्चना की। गिरधारी नाथ महाराज पाकिस्तान के बलूचिस्तान स्थित हिंगलाज शक्तिपीठ से जुड़े महान संत थे, जिन्होंने देश विभाजन के बाद सीतापुर आकर साधना की थी।

मुख्यमंत्री ने नैमिषारण्य के पौराणिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह 88 हजार ऋषियों की तपोभूमि रही है और भारत की सनातन परंपरा का केंद्र है। उन्होंने कहा कि सरकार भारत के पौराणिक और धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार के लिए प्रतिबद्ध है।

सीएम योगी ने सनातन संस्कृति की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि समता, करुणा और सहअस्तित्व का भाव केवल सनातन परंपरा में देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में भारत ने अभूतपूर्व प्रगति की है और अब देश विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि देश और सनातन की सुरक्षा के लिए समाज का एकजुट रहना आवश्यक है, क्योंकि जो वर्तमान में सजग रहता है, वही अपना भविष्य सुरक्षित कर पाता है।









