
एटा फर्रुखाबाद जिले के कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के लखनपुर गांव में 11 अगस्त 1991 को हुए छह लोगों के सामूहिक हत्याकांड का मुख्य आरोपी किशोरीलाल आखिरकार 28 साल बाद पुलिस की गिरफ्त में आ गया। पुलिस पिछले तीन महीने से लगातार उसकी तलाश में जुटी थी और सर्विलांस के जरिए उसे गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
पुलिस के अनुसार, आरोपी तक पहुंचने के लिए 250 से अधिक मोबाइल नंबरों की ट्रेसिंग और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) का विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान पुलिस विभाग में तैनात उसके एक रिश्तेदार से अहम सुराग मिला, जिसके आधार पर टीम आरोपी तक पहुंच सकी।
नाम छिपा के रह रहा था आरोपी
पूछताछ और जांच में सामने आया कि फरारी के दौरान किशोरीलाल ने अपनी पहचान छिपाने के लिए फर्जी पैन कार्ड, आधार कार्ड और बैंक पासबुक बनवा लिए थे। वह एटा जिले के निधौली कलां थाना क्षेत्र के गगनपुरी गांव में ‘दीपक पुत्र नंदराम’ के नाम से पत्नी और बेटी के साथ रह रहा था।
हालांकि, उसके बेटे के आधिकारिक दस्तावेजों में पिता का नाम ‘किशोरीलाल’ दर्ज था। यही तथ्य पुलिस के लिए सबसे महत्वपूर्ण सुराग साबित हुआ। इसके बाद पुलिस ने कन्नौज जिले के हैवतपुर गढ़िया स्थित उसके ससुराल और एटा में लगातार निगरानी और सुरागरसी की।
*जनता का भरोसा न्यूज़*
*रिपोर्टर शिवम सिंह*









