
फर्रुखाबाद
गंगा खतरे के निशान से 20 CM नीचे! नरौरा से 1.72 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा, एक दर्जन गांव जलमग्न, प्रशासन ने जारी किया हाई
पहाड़ों की बारिश और बैराज से डिस्चार्ज से बढ़ा खतरा, खेत-रास्ते डूबे, राहत दल तैनात
गंगा उफान पर सिंचाई विभाग के मुताबिक शनिवार रात से रविवार शाम तक गंगा का जलस्तर करीब 10 सेंटीमीटर बढ़ गया। रविवार शाम 6 बजे जलस्तर 136.90 मीटर दर्ज किया गया। ये चेतावनी बिंदु से 30 CM ऊपर और खतरे के निशान 137.10 मीटर से सिर्फ 20 CM नीचे है।
नरौरा से भारी पानी नरौरा बैराज से लगभग `1,72,721` क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे आने वाले दिनों में गंगा का जलस्तर और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। रामगंगा का जलस्तर भी बढ़ रहा है, हालांकि अभी खतरे के निशान से नीचे है।
एक दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में अमृतपुर क्षेत्र के 6 और शमसाबाद ब्लॉक के 5 गांव समेत करीब एक दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी घुस चुका है। निचले इलाकों के खेत जलमग्न हो गए हैं। कई संपर्क मार्गों पर पानी आने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को भी शिफ्ट करना पड़ा।
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी तेज कर दी है। राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट पर रखा गया है।
तटवर्ती गांवों के लोगों से सतर्क रहने और गंगा किनारे अनावश्यक रूप से न जाने की अपील की गई है।
प्रशासन का कहना है “यदि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहा और बैराजों से पानी छोड़ा जाता रहा, तो आने वाले दिनों में जिले में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है।” स्थिति पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है।
फिलहाल मौसम विभाग ने पहाड़ों में और बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा है।








